निगम की समीक्षा बैठक में हुआ विवाद:अधिकारियों पर भड़के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी: बोले- जनप्रतिनिधियों को गुमराह करना बंद करें

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रायपुर नगर निगम के जोन-4 में महापौर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी अधिकारियों पर नाराज हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जोन अध्यक्ष और जोन कमिश्नर के बीच समन्वय की कमी है, जिसका असर विकास कार्यों और आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर पड़ रहा है। बैठक में जोन के अधिकारी, सभी वार्डों के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी मौजूद थे। इस दौरान पार्षदों ने भी अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की बातों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। आकाश तिवारी ने बैठक में अपने वार्ड की जलभराव की समस्या उठाई। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति बताने के बजाय गोलमोल जवाब दिए और गलत जानकारी देकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट देने के बजाय पहले मौके पर जाकर हालात देखें। उन्होंने कहा कि जनता जलभराव जैसी समस्याओं से परेशान है और ऐसे मामलों में सही जानकारी के साथ समय पर कार्रवाई होनी चाहिए।
महापौर ने इन मुद्दों पर दिए सख्त निर्देश जोन-1, 3 और 4 की समीक्षा बैठक में महापौर मीनल चौबे ने शहर की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां नालों और नालियों की सफाई में अवैध पाटे बाधा बन रहे हैं, उन्हें हटाकर तली तक सफाई कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम हो सके। महापौर ने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए जरूरत के अनुसार नए नालों का प्रस्ताव तैयार करने, जोन-3 में पेयजल संकट का जल्द समाधान करने और पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए और जिन मामलों में तीन नोटिस जारी हो चुके हैं, वहां बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य मार्गों, पार्किंग स्थलों और यातायात बाधित करने वाले अवैध निर्माणों को प्राथमिकता में रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा लंबित पेंशन प्रकरणों का जल्द निराकरण, 5 हजार वर्गफीट से बड़े व्यावसायिक प्लॉटों में पूर्णता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता, नियमित नाला-नाली सफाई, सड़क रखरखाव, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
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