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गजेंद्र यादव बोले-धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था:रमन सिंह बोले-आंदोलन शांत करने के लिए जरूरी था फैसला;इस्तीफे पर BJP में दो राय




केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का समर्थन किया है। जबकि प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उन्होंने उनसे देशहित में इस्तीफा वापस लेने की अपील भी की। दोनों नेताओं के विपरीत बयानों को लेकर विपक्ष भी भाजपा के भीतर अलग-अलग राय होने का दावा कर रहा है। रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने के लिए जरूरी था फैसला विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर देशभर में आक्रोश था, उस पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में भविष्य में और भी सख्त कानून बनाए जाएंगे, ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के आक्रोश को शांत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। साथ ही सरकार इस पूरे मामले में गंभीरता से आगे बढ़ते हुए कठोर कार्रवाई करेगी। गजेंद्र यादव बोले- जांच पूरी होने से पहले इस्तीफा जरूरी नहीं था डॉ. रमन सिंह के बयान के कुछ समय बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अलग राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उनके अनुसार, जब मामले की जांच के लिए समिति गठित हो चुकी है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं थी। गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। यदि कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में गड़बड़ी नहीं चाहता। इसलिए जांच पूरी होने से पहले इस्तीफा देना उचित नहीं था और देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस लेना चाहिए। भाजपा के भीतर अलग-अलग संदेश धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर डॉ. रमन सिंह और गजेंद्र यादव के सार्वजनिक बयानों ने भाजपा के भीतर अलग-अलग संदेश दिए हैं। एक ओर डॉ. रमन सिंह प्रधानमंत्री के फैसले को सही और आवश्यक बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री उसी फैसले पर असहमति जताते हुए इस्तीफा वापस लेने की बात कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही मुद्दे पर पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयान विपक्ष को भाजपा पर सवाल उठाने का अवसर दे सकते हैं।



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