Raigarh Smart Meter Protest | Congress Campaign For Ordinary Meters

कांग्रेस नेताओं ने लोगों से चर्चा की, तो उनका भी कहना है कि, पहले से अधिक बिजली बिल आ रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस लगातार अभियान चला रही है। बुधवार को अभियान के 5वें दिन कांग्रेस नेताओं ने ढिमरापुर और दीनदयाल पुरम कॉलोनी पहुंचकर लोगों से संपर्क किया और स्मार
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कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्र के लोगों से बिजली बिल को लेकर चर्चा की। इस दौरान कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल में काफी बढ़ोतरी हुई है। लोगों का कहना है कि पहले जहां 800 से 1000 रुपए तक बिल आता था, वहीं अब 2800 से 3000 रुपए तक बिल पहुंच रहा है।

जिला कांग्रेस के पदाधिकारी वार्डों में जाकर लोगों से भरा रहे फार्म।
‘वसूली मीटर’ बता रही कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, उनकी सरकार के समय 400 यूनिट तक ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का लाभ मिलता था, जबकि वर्तमान में यह सुविधा केवल 200 यूनिट तक सीमित है।
उनका आरोप है कि महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपये देने के बाद स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं से हजारों रुपये का बिजली बिल वसूला जा रहा है। इसी वजह से कांग्रेस स्मार्ट मीटर को “वसूली मीटर” बता रही है।
700 से ज्यादा फॉर्म भरवाने का दावा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अब तक राजीव नगर, कोतरा रोड, धांगरडीपा, बैकुंठपुर, मोदीपारा, सोनिया नगर, बंगलापारा, रामभांठा, गौशाला रोड, ढिमरापुर और दीनदयाल पुरम समेत कई इलाकों में अभियान चलाया जा चुका है।
कांग्रेस का दावा है कि अब तक 700 से अधिक उपभोक्ताओं से आवेदन फॉर्म भरवाए जा चुके हैं, जिन्हें जल्द ही बिजली विभाग में जमा कर पावती ली जाएगी।
सभी वार्डों तक पहुंचेगा अभियान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) शाखा यादव ने कहा कि जिस भी मोहल्ले में कांग्रेस की टीम पहुंच रही है, वहां लोग खुलकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य शहर के सभी वार्डों तक पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों से आवेदन भरवाना है। कांग्रेस की मांग है कि स्मार्ट मीटर हटाकर फिर से साधारण बिजली मीटर लगाए जाएं।




