Korba SECL Mine Accident | Worker Killed by Heavy Vehicle, Compensation

कोरबा के साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में 4 अगस्त मंगलवार देर शाम हादसा हो गया। सतर्कता चौक के पास तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से जपेली निवासी 48 वर्षीय बहारता उर्फ दीवान दास की मौत हो गई। शव को कुसमुंडा स्
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बुधवार सुबह घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय ग्रामीण, श्रमिक संगठन और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए और SECL प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और सुरक्षा अधिकारियों की लापरवाही के कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं। उनका कहना था कि यदि समय पर ठोस सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो बहारता की जान बचाई जा सकती थी।



प्रदर्शनकारियों ने मुआवजा और नौकरी देने की मांग की
धरने में शामिल लोगों ने मृतक के परिवार को न्याय, उचित मुआवजा और नौकरी देने की मांग की। प्रदर्शन लगातार तेज होता देख SECL के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।
लंबी बातचीत के बाद प्रबंधन ने घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिवार के सदस्य को रोजगार दिया जाएगा और तत्काल पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा और अन्य सभी नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे व लाभों का भुगतान भी किया जाएगा।
आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त
SECL अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा कैसे हुआ और किसकी लापरवाही रही।
धरना प्रदर्शन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत, श्रम सेवा भू-स्थापित कामगार संगठन के संस्थापक अशोक पटेल, कुसमुंडा खदान अध्यक्ष कैलाश साहू और पीड़ित परिवार के सदस्य पवन दास महंत सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण और श्रमिक शामिल हुए।




