प्रशिक्षित:कांकेर में 100 पशु सखियों को मिला डिजिटल और तकनीकी ज्ञान

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पशुधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत चयनित पशु सखियों को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडों से कुल 150 सखियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 100 पशु सखियों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण समापन के अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कांकेर हरेश मंडावी ने सभी पशु सखियों को बधाई देते हुए प्रमाण पत्र और आवश्यक किट का वितरण किया। उन्होंने पशु सखियों से अपने-अपनें क्षेत्रों में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को पशुपालकों तक पहुंचाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब तक हुए विभिन्न बैचों के प्रशिक्षणों में 100 पशु सखियों को पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन साहू द्वार ए-हेल्प प्रोग्राम के अंतर्गत गहन तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं का खून, पेशाब व गोबर का प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नमूना लेना, पशु प्रजनन, पशु पोषण, डिजिटल टूल्स, पशु आहार और गर्मी के तनाव से बचाव के उपाय सिखाए गए। इसके साथ ही वैज्ञानिक तरीके से चारा खिलाना, पोषण प्रबंधन, दूध देने की सही प्रक्रिया, पशु-पोषण एप का डेमो, हरे चारे की खेती, राशन संतुलन, पशु स्वास्थ्य, बीमारी की पहचान व रोकथाम, ई-गोपाला एप का उपयोग, ईयर टैगिंग, प्राथमिक उपचार, डेयरी योजनाएं, दूध मूल्य श्रृंखला, आय के विविध स्रोत, खाद प्रबंधन, वित्त, बीमा और संचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्नत डेयरियों और केंद्रों का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण प्रशिक्षण के व्यावहारिक ज्ञान के लिए पशु सखियों को कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, जिला रोग पशु अनुसंधान केंद्र कांकेर और टीकाकरण के व्यावहारिक अनुभव के लिए ग्राम मर्रापी व कापसी का फील्ड विजिट कराया गया। इसके अलावा ग्राम तेलावट में रेखा सलाम की सुकर पालन सह बतख व मछलीपालन इकाई और नरहरपुर के थानाबोडी गांव में संचालित जैन डेयरी का भी भ्रमण कराया गया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीरबल साहू व प्रमुख डॉ. डोरा ने जैविक खेती तथा प्राकृतिक खेती में पशुपालन के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर आरसेटी संस्थान के निदेशक डाकेश्वर विनय पांडेय, नितेश साहू, संजय महावीर, कमलेश सिन्हा व अन्य रहे।
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