IGKV में बीएससी सेकेंड ईयर का पेपर लीक:परीक्षा शुरू होने के लगभग दो घंटे पहले व्हाट्सऐप पर आया एंटोमोलॉजी का पेपर, एग्जाम रद्द

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले व्हाट्सऐप पर लीक होने का मामला सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर की तस्वीरें और सवाल विद्यार्थियों के बीच व्हाट्सऐप पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पेपर किसी अन्य स्रोत से फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलते ही हड़कंप मच गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। विश्वविद्यालय ने लीक हुए पेपर की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। अब इस विषय की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा से करीब दो घंटे पहले व्हाट्सऐप पर पहुंचा पेपर जानकारी के मुताबिक, बीएससी सेकेंड ईयर की एंटोमोलॉजी की परीक्षा तय समय पर होनी थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही पेपर व्हाट्सऐप पर शेयर होने लगा। पेपर विद्यार्थियों तक पहुंचने के बाद इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को भी मिल गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पेपर सीधे विश्वविद्यालय से किसी विद्यार्थी को नहीं मिला था, बल्कि किसी दूसरे स्रोत से फॉरवर्ड होकर व्हाट्सऐप पर पहुंचा था। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेपर सबसे पहले कहां से बाहर आया और उसके बाद किन-किन लोगों तक पहुंचा। पेपर असली था या नहीं, प्रशासन ने जांच शुरू की पेपर परीक्षा से पहले ही व्हाट्सऐप पर फैलने की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर विद्यार्थियों तक पहुंचने से उसकी गोपनीयता और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ पेपर वही था, जो परीक्षा में दिया जाना था या नहीं। अगर दोनों पेपर एक ही हैं, तो यह पता लगाया जाएगा कि परीक्षा से पहले पेपर बाहर कैसे पहुंचा और निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद इसे किस तरह लीक किया गया। हालांकि, भास्कर के मिलान में व्हाट्सऐप पर वायरल पेपर और मुख्य परीक्षा के पेपर में काफी समानता पाई गई है। पेपर जो व्हाट्सएप लीक हुआ, तस्वीरें देखिए… एफआईआर होगी, जिम्मेदारों की पहचान की जाएगी विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस जांच के दौरान पेपर के स्रोत से लेकर उसे आगे प्रसारित करने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा सकती है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पेपर सबसे पहले किस व्यक्ति के पास पहुंचा, किस माध्यम से बाहर आया और व्हाट्सऐप पर इसे किसने आगे भेजा। इसके अलावा पेपर कितने विद्यार्थियों तक पहुंचा, इसकी जानकारी भी जुटाई जा सकती है। पेपर रद्द हो सकता है, दोबारा होगी परीक्षा पेपर लीक होने की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित पेपर को रद्द करने का फैसला लिया जा सकता है। अब इस विषय की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को संबंधित विषय की परीक्षा फिर से देनी होगी। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और सभी विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए पेपर को रद्द किया जा रहा है। साथ ही मामले में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले पेपर व्हाट्सऐप पर पहुंचने की घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों के बीच यह चर्चा है कि परीक्षा से पहले सुरक्षित रखे जाने वाले प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर कैसे पहुंची। हालांकि, पेपर कहां से बाहर आया, सबसे पहले किसके पास पहुंचा और उसे व्हाट्सऐप पर किसने प्रसारित किया, इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर कराने और संबंधित पेपर को रद्द करने की बात कही है। प्रशासन के अनुसार पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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