TET अनिवार्यता पर शिक्षकों का जशपुर में प्रदर्शन:बोले- नौकरी और पदोन्नति पर संकट,सेवा सुरक्षा का हो स्थायी समाधान,CM के नाम सौंपा ज्ञापन

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जशपुरनगर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जिलेभर के शिक्षक जशपुर जिला मुख्यालय पहुंचे। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रणजीता स्टेडियम में एक दिवसीय धरना दिया गया। इसके बाद शिक्षकों ने ‘तिरंगा TET मुक्ति रैली’ निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। बोले- वर्षों तक TET अनिवार्य नहीं थी शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय तक शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं थी और परीक्षा भी नियमित रूप से आयोजित नहीं की गई। ऐसे में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक TET उत्तीर्ण नहीं कर पाए। अब सेवा सुरक्षा और पदोन्नति को TET से जोड़ने के कारण शिक्षकों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। मोर्चा के प्रांत प्रभारी अनिल रावत ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति से संबंधित पुराने नियमों में TET की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद अब इसे सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जोड़ने पर प्रदेशभर में असमंजस की स्थिति है। सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को लेकर चिंता शिक्षकों ने कहा कि ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्होंने शिक्षा विभाग में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं और अब सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे हैं। उनका तर्क है कि ऐसे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को TET से जोड़ना उनके लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। यदि TET के आधार पर सेवा प्रभावित होती है तो उनके सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। 31 अगस्त 2028 तक समय, फिर भी समाधान की मांग जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने का समय दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक अभी भी TET उत्तीर्ण नहीं हैं। ऐसे में सेवा सुरक्षा और पदोन्नति को लेकर स्पष्ट और स्थायी समाधान जरूरी है। सह-संयोजक विनय सिंह ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक शिक्षक या संवर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान और भविष्य से जुड़ा है। शासन को शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। नारेबाजी के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे शिक्षक रणजीता स्टेडियम से निकली तिरंगा रैली में शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता से उत्पन्न स्थिति का स्थायी समाधान करने और सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति के संबंध में शिक्षक हित में निर्णय लेने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल TET परीक्षा के खिलाफ नहीं, बल्कि नौकरी, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग है। उन्होंने शासन से जल्द सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई।
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