सुकमा में नक्सल हिंसा में मारे शिक्षादूतों के परिवार सम्मानित:शिक्षक दिवस पर कलेक्टर, SP और जिला पंचायत CEO ने परिवारों से जाना हालचाल

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शिक्षक दिवस पर सुकमा में प्रशासन का संवेदनशील चेहरा देखने को मिला। जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले 4 शिक्षादूतों के परिजनों को सम्मानित किया गया। शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार, एसपी मयंक गुर्जर और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने परिजनों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान दिया। सम्मानित शिक्षादूतों में प्राथमिक शाला मंडीमरका के स्वर्गीय बारसे लक्ष्मण, प्राथमिक शाला बैनपल्ली के स्वर्गीय मुचाकी लिंगा, प्राथमिक शाला गोंदपल्ली के स्वर्गीय डोडी अर्जुन और प्राथमिक शाला ताड़मेटला के स्वर्गीय कवासी सुक्का शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2025 के बीच नक्सल हिंसा में इनकी हत्या कर दी गई थी। सम्मान के बाद परिजनों के साथ बैठकर किया भोजन कार्यक्रम के बाद प्रशासन ने सम्मान को औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा। कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत CEO ने सर्किट हाउस में इन शिक्षादूतों के परिजनों के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी पारिवारिक परिस्थितियों, जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर, एसपी और CEO ने स्वर्गीय बारसे लक्ष्मण की पत्नी शांति कोरसा, स्वर्गीय मुचाकी लिंगा के भाई मुचाकी महेश, स्वर्गीय डोडी अर्जुन की मां डोडी जोगी और स्वर्गीय कवासी सुक्का की पत्नी कवासी जोगी से चर्चा की। जरूरत के अनुसार मदद का भरोसा अधिकारियों ने परिजनों की बातें सुनने के बाद उनकी जरूरतों के अनुसार हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। यह पहल उन परिवारों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिन्होंने नक्सल हिंसा में अपने करीबी को खोया है। दुर्गम इलाकों में शिक्षा की जिम्मेदारी निभाने वालों को किया याद शिक्षा के लिए दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले इन शिक्षादूतों के योगदान और साहस को शिक्षक दिवस पर याद किया गया। सम्मान के साथ अधिकारियों का परिजनों के बीच बैठकर भोजन करना और उनकी समस्याएं सुनना कार्यक्रम का खास पहलू रहा।
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