वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार पर की कार्रवाई:तरईगांव के दो ठिकानों से सागौन-साल का चिरान जब्त, दो आरोपियों पर मामला दर्ज

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गौरेला रेंजर ज्योत्सना मिश्रा के नेतृत्व में वन अमले ने गुप्त सूचना के आधार पर तरईगांव क्षेत्र में दो अलग-अलग ठिकानों पर अचानक दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान मौके से सागौन के चिरान, साल के फट्टे और भारी मात्रा में तैयार किए जा रहे अर्धनिर्मित फर्नीचर बरामद कर जब्त किए गए हैं। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी तस्करों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग की विशेष टीम ने बढ़ावनदांड बढ़वापारा के निवासी नन्हू भैना और भोलू के ठिकानों पर घेराबंदी कर यह कार्रवाई अंजाम दी। जब विभाग ने परिसरों की तलाशी ली, तो वहां बिना किसी वैध दस्तावेज के बड़ी संख्या में कीमती लकड़ियां और उनसे फर्नीचर बनाने का काम धड़ल्ले से चलता पाया गया। टीम ने मौके से बरामद सभी लकड़ियों और अर्धनिर्मित फर्नीचर को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन अधिकारियों का कहना है कि वनों की कटाई और अवैध लकड़ी के व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा आने वाले दिनों में भी इस तरह का सघन चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
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