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रायपुर पुलिस ने पकड़ी फर्जी महिला जमानतदार:ऋण पुस्तिका में काट-छांट कर न्यायालय को गुमराह किया, सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ा




रायपुर के न्यायालय परिसर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत लेने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की जमानतदार बनकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास कर रही थीं। मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, न्यायालय परिसर में फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर आरोपियों की जमानत कराए जाने की शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका के माध्यम से न्यायालय में आरोपियों की जमानत ले रही हैं। टीम ने न्यायालय परिसर पहुंचकर मामले की तस्दीक की। इस दौरान तीन महिलाओं को ऋण पुस्तिका में काट-छांट कर जमानत लेते हुए पकड़ा गया। अलग-अलग आरोपियों की जमान त लेने की बात स्वीकारी पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर अलग-अलग न्यायालयों में आरोपियों की जमानत लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने सुनीता देवी राजपूत (70), सरस्वती बाई सोनी (72) और मीना बाई कोरम (52) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 401/2026 और 402/2026 दर्ज किए हैं। दोनों मामलों में BNS की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 238 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा, कि न्यायालय या किसी भी सरकारी कार्यालय में फर्जी अथवा कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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