मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी हालत

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अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती महिला की सी-सेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला के परिवार वालों ने ऑपरेशन और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के गांधीनगर के संदीप कुमार सिंह की पत्नी परी सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर घरवालों ने 13 अगस्त को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने सी-सेक्शन करने के लिए कहा। परिवार की सहमति के बाद शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच ऑपरेशन किया गया। दूसरे दिन बिगड़ी महिला की हालत संदीप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। रात में उनकी पत्नी ने गला सूखने और ऑपरेशन वाली जगह पर दर्द होने की शिकायत की। परिजनों ने इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद नर्स और डॉक्टरों को दी। परिजनों के मुताबिक, 14 अगस्त की सुबह परी सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कई बार कहने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें स्पेशल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। संदीप सिंह का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में गंभीरता नहीं दिखाई। 14 अगस्त की देर शाम परिजनों को बताया गया कि परी सिंह की मौत हो गई है। हालांकि, नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। परिजनों का आरोप-डॉक्टर देखने तक नहीं पहुंचे डॉक्टरों की ओर से बताया गया कि महिला को पहले से हृदय संबंधी समस्या थी। हालांकि, पति संदीप सिंह का कहना है कि प्रसव से पहले कराई गई उनकी पत्नी की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं। उनका आरोप है कि अस्पताल में महिला का ईसीजी भी नहीं किया गया। मृतका की बहन पिंगला सिंह ने बताया कि वह पूरे समय अपनी दीदी के साथ थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उनकी दीदी को स्पेशल केयर यूनिट में लाया गया। पिंगला का आरोप है कि कई बार कहने के बाद भी डॉक्टर दीदी को देखने नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि नर्सों से पूछने पर हर बार यही कहा गया कि डॉक्टर आकर बताएंगे, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर नहीं आया। उनका कहना है कि उनका ईसीजी भी नहीं किया गया और पूरे दिन कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं पहुंचा। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इससे पहले भी एमसीएच में इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। मामले में जानकारी लेने के लिए प्रभारी सीएस डॉ. जेके रेलवानी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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