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धमतरी में टैलेंट हंट परीक्षा, 632 छात्रों ने लिया भाग:32 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिए 50 प्रश्नों के उत्तर, विजेताओं को मिलेंगे मेडल




धमतरी में सर गौरी शंकर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से टैलेंट हंट परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना और ओएमआर शीट भरने का अभ्यास कराना था। इस परीक्षा में जिले के 32 स्कूलों के कुल 632 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा का आयोजन नूतन इंग्लिश स्कूल और नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिंदी माध्यम) में किया गया। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए। परीक्षा सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे की रही। परीक्षा में 50 वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे गए, जिनके लिए कुल 150 अंक निर्धारित थे। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह इसमें माइनस मार्किंग की व्यवस्था भी रखी गई, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिल सके। सामान्य ज्ञान से लेकर गणित तक के सवाल प्रश्न पत्र ओएमआर शीट आधारित था। इसमें सामान्य ज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से जुड़े प्रश्न शामिल थे। परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों को ट्रस्ट की ओर से पेन भी उपहार में दिए गए। शिक्षक दिवस पर मिलेगा सिल्वर मेडल परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के अवसर पर सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। 2015 से लगातार हो रही परीक्षा ट्रस्ट के डॉ. हीरा महावर और अशोक पवार ने बताया कि अपने शिक्षक की स्मृति में सर गौरी शंकर चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। वर्ष 2015 से हर साल कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए यह टैलेंट हंट परीक्षा आयोजित की जा रही है। बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किया जाता है तैयार उन्होंने बताया कि परीक्षा का पूरा पैटर्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह रखा जाता है। इससे विद्यार्थियों को ओएमआर शीट भरने, समय प्रबंधन और माइनस मार्किंग को समझने का मौका मिलता है, जिससे भविष्य में उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में आसानी होती है। विद्यार्थियों ने बताया उपयोगी अनुभव परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि इससे उनका सामान्य ज्ञान बढ़ा है और प्रतियोगी परीक्षाओं का अनुभव भी मिला। उनका मानना है कि ऐसी परीक्षाएं आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मददगार हैं। ‘ब्रेन मैपिंग’ और नई चीजें सीखने में मिलेगी मदद परीक्षा का जायजा लेने पहुंचे स्थानीय निर्मल बरड़िया ने कहा कि इस तरह की परीक्षा से बच्चों की ब्रेन मैपिंग होगी और उनमें नई-नई चीजें सीखने और जानने की रुचि बढ़ेगी।



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