पद के दुरुपयोग और शांति भंग के मामले में बड़े लखापाल के सरपंच पद से हटाए गए

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जनपद पंचायत कटेकल्याण की ग्राम पंचायत बड़े लखापाल के सरपंच दिनेश मरकाम को पद का दुरुपयोग, पदीय दायित्वों के विपरीत कार्य करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। दंतेवाड़ा एसडीएम ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया। आदेश के बाद ग्राम पंचायत के प्रशासनिक, वित्तीय अधिकार उप सरपंच को सौंप दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार 18 मार्च को कटेकल्याण के साप्ताहिक बाजार में दिनेश मरकाम ने अपने साथियों के साथ अनाधिकृत रूप से शांति भंग की। उन्होंने व्यापारियों से कारोबार नहीं करने को कहा। मौके पर तहसीलदार, एसडीओपी के हस्तक्षेप के दौरान भी उन्होंने बहस की। मामले में थाना कटेकल्याण द्वारा बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत इस्तगासा प्रस्तुत किया गया। इसके आधार पर तहसीलदार न्यायालय कटेकल्याण में दांडिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तहसीलदार कटेकल्याण ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद 27 मई को सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रशासन का कहना है कि नोटिस के जवाब में उन्होंने तथ्यहीन, असंतोषजनक जवाब दिया। वे आरोपों का समुचित खंडन नहीं कर सके। उन्हें भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से बचने की मौखिक समझाइश भी दी गई थी। इसके बावजूद 9 जुलाई को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को बड़े लखापाल में पुनः संचालित करने की मांग को लेकर कटेकल्याण बाजार में एक दिवसीय रैली, प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रशासन ने इसे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के पदीय दायित्वों के विपरीत आचरण, शक्तियों के दुरुपयोग की श्रेणी में माना। इन सभी तथ्यों के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी ने दिनेश मरकाम को तत्काल प्रभाव से सरपंच पद से हटा दिया। आदेश के अनुसार अब ग्राम पंचायत बड़े लखापाल के सभी प्रशासनिक, वित्तीय कार्य उप सरपंच द्वारा संचालित किए जाएंगे।
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