आदिवासी बच्ची की मौत के मामले में आरोपी गिरफ्तार:आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की FIR, मेडिकल कॉलेज में हुआ था दुबारा पोस्टमॉर्टम

![]()
नाबालिग आदिवासी बालिका की संदिग्ध मौत के मामले में सूरजपुर पुलिस ने ठेकेदार श्रवण कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में अपराध दर्ज किया है। परिजनों ने बालिका के साथ यौन उत्पीड़न की आशंका जताई थी और शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंच गये थे। आईजी के निर्देश पर दुबारा पीएम कराया गया था, लेकिन अभी पीएम रिपोर्ट नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के ग्राम चांदो क्षेत्र की निवासी 12 वर्षीय आदिवासी बालिका एक माह से भटगांव कोरंधा निवासी श्रवण कुमार जायसवाल के घर रहकर घरेलू काम करती थी। 1 सितंबर को उसका शव संदिग्ध हालत में मिला था। ठेकेदार के परिवार ने बताया कि बालिका ने घर के कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। शव का दुबारा पोस्टमॉर्टम, पुलिस ने दर्ज की FIR मामले में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर शव का कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जरही की मौजूदगी में पंचनामा कराया गया। सीएचसी भटगांव में पोस्टमॉर्टम करा शव परिजनांे को सौंप दिया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट परिजन और आदिवासी समाज ने बच्ची की हत्या और उसके साथ यौन दुर्व्यव्हार की आशंका जताई और शव लेकर आईजी आफिस पहुंच गये थे। परिजन का कहना था कि गले पर फांसी के निशान नहीं थे और उसके प्राइवेट पार्ट में सूजन था। 4 सितंबर को सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शव का दुबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। दूसरी बार हुए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट नहीं मिली है। मर्ग जांच एवं घटना स्थल के निरीक्षण तथा लोगों के बयान में इस बात की पुष्टि हुई कि मृत बालिका वापस घर जाना चाहती थी, लेकिन मकान मालिक श्रवण कुमार उसे घर नहीं पहुंचाकर घर में जबरन काम करवा रहा था। दुर्व्यवहार और प्रताड़ना से तंग आकर बालिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने श्रवण कुमार (67 वर्ष) के खिलाफ बीएनएस की धारा 107, जेजे एक्ट की धारा 75, बाल किशोर श्रम अधिनियम की धारा 14 एवं एसटी-एससी एक्ट की धारा 3(2)(ट) के तहत अपराध दर्ज किया। मामले में पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
Source link




