ब्लैक स्पॉट पर अब हादसे की वजह दूर करने पर फोकस, परिवहन सचिव की अध्यक्षता में बैठक


शहर और आसपास के ऐसे सड़क हिस्से, जहां बार-बार हादसे होते हैं, वहां अब सिर्फ हादसा होने के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसे की वजह दूर करने पर फोकस रहेगा। रायपुर जिले के टाटीबंध, भाठागांव, बेमता-भुइंया, सिलतरा ओवरब्रिज-एनआईसीओ गेट और पारागांव-निसदा मोड़ समेत अन्य ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कामों की समीक्षा की गई।
हाईकोर्ट बिलासपुर के 1 सितंबर 2026 के आदेश के अनुपालन में परिवहन सचिव एस. प्रकाश की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि ब्लैक स्पॉट की मौजूदा स्थिति का परीक्षण कर वहां हादसे की संभावित वजहों को दूर किया जाए।
बैठक में संयुक्त परिवहन आयुक्त वाई. अक्षय कुमार, उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार ध्रुव समेत पीडब्ल्यूडी, नगरीय प्रशासन, आबकारी, परिवहन, यातायात विभाग, एनएचएआई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में यह भी सामने आया कि ब्लैक स्पॉट पर खतरा केवल सड़क खराब होने से नहीं होता। कई जगह डिवाइडर की अनधिकृत कटिंग से वाहन अचानक दूसरी दिशा में निकलते हैं।
इसी तरह अवैध पार्किंग से सड़क की चौड़ाई कम होती है। ढाबों या दुकानों के सामने खड़े वाहन मुख्य सड़क पर चल रहे ट्रैफिक के लिए अचानक बाधा बन सकते हैं।
पर्याप्त रोशनी या संकेतक नहीं होने पर रात में मोड़, कटिंग और सड़क की स्थिति समझना मुश्किल होता है। बैठक में इन वजहों से हादसे का खतरा बढ़ने पर चर्चा हुई।




