ग्रामीणों ने 13 बिंदुओ में ज्ञापन सौंपकर लोक सुनवाई को निरस्त करने की मांग की है
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के तमनार ब्लाॅक में जेपीएल उद्योग को आबंटित कोयला खदान का विरोध ग्रामीण कर रहे हैं। जहां सोमवार को कई गांव के ग्रामीण रायगढ़ पहुंचे और कलेक्ट्रेट के सामने विरोध करते हुए जमकर नारे लगाए।
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ग्रामीणों का कहना था कि लैलूंगा विधानसभा के तमनार ब्लॉक में गारे पेलना सेक्टर 1 कोयला खदान के लिए 14 अक्टूबर को इसके लिए जन सुनवाई होनी है और कोल माईंस से तकरीबन 20 गांव प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने पर्यावरण सरंक्षक मंडल के नाम से ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि शासन द्वारा आपत्ति-अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना जनसुनवाई किया जा रहा है।
प्रभावित भूमि का क्रय रजिस्ट्री से या लीज से लिया जाएगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा जमीन का मुआवजा किस विधि से किए जाने की सम्भावना है इसकी जानकारी नहीं दी गई है। पुर्नवास के लिए क्या व्यवस्था रखी गई है इसकी जानकारी नहीं है।

कलेक्ट्रेट के सामने काफी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर नारेबाजी की
13 बिंदुओं में सौंपा आवेदन प्रभावित ग्रामीणों और उनके परिवार के रोजगार के लिए सुविधा की जानकारी नहीं है। वन भूमि जो प्रभावित हो रहा इसकी जानकारी ग्रामवार रकबा नहीं दी गई है। जबकि दिया जाना चाहिए। इस तरह 13 बिंदुओ का ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने जन सुनवाई को निरस्त करने की मांग की है।
ग्रामीण आगे की बनाएंगे रणनीति जन चेतना मंच के राजेश त्रिपाठी ने बताया कि हमीरपुर, झरना, खुरूसलेंगा, आमगांव, धौराभांठा, सलिहाभांठा, गोढ़ी, कसडोल, तमनार समेत 20 गांव के ग्रामीण विरोध करने के लिए पहुंचे थे।
13 बिंदुआ में आवेदन सौंपकर जनसुनवाई निरस्त करने की मांग की गई है। इसके बाद भी अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो ग्रामीण आपसी चर्चा कर आगे की रणनीति बनाएंगे।
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