कोंडागांव जिले के केशकाल ब्लॉक के मारी क्षेत्र में ग्रामीणों ने सामूहिक पहल करते हुए अपनी सड़क की मरम्मत खुद की। बेड़मा मारी, ऊपरबेदी और चुड़ावा गांवों के ग्रामीणों ने सरकार या प्रशासन का इंतजार किए बिना, हर घर से एक व्यक्ति को श्रमदान के लिए भेजा।
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यह अनूठी पहल इन तीनों गांवों के प्रत्येक परिवार के स्वेच्छा से की गई। ग्रामीणों की इस एकजुटता और सामाजिक चेतना ने न केवल उनके जीवनस्तर सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि एक सभ्य और शिक्षित समाज के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
केशकाल विकासखंड का मारी क्षेत्र लंबे समय से दुर्गम, संवेदनशील और पिछड़े इलाके के रूप में जाना जाता रहा है। यहां के निवासियों ने इस सामूहिक कार्य के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान खुद करने का संकल्प दिखाया।

इस सामूहिक अभियान में जनपद सदस्य कोलू राम मंडावी, रावबेड़ा सरपंच सुनीता कावड़े, बेड़मा मारी पटेल लखमुराम कोरेटी, संतुराम नेताम, मनीराम गोटा, मानुराम कुमेटी, जलुम कावड़े, राजकुमार कुमेटी, शंकर कोरेटी, संजू कावड़े सहित कई अन्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे। इन सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाई।
सरोवर जलकुंभी से पूरी तरह ढका
कोंडागांव का ऐतिहासिक सरोवर जलकुंभी से पूरी तरह ढक गया है। 20 एकड़ में फैले इस सरोवर की सतह पर जलकुंभी इतनी घनी है कि मुर्गियां और पक्षी इस पर दौड़ते नजर आते हैं, जिससे यह किसी खेल के मैदान जैसा प्रतीत होता है। हालांकि, इसके नीचे गहरा पानी है, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
नगर पालिका ने इस सरोवर की सफाई और सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। कई बार श्रमदान अभियान भी चलाए गए, लेकिन हर बार कुछ समय बाद जलकुंभी फिर से पूरे सरोवर पर कब्जा कर लेती है। इन प्रयासों के बावजूद, सरोवर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश कुमार डे ने बताया कि जलकुंभी के लगातार बढ़ने का मुख्य कारण नालों का गंदा पानी है, जो सीधे सरोवर में मिल रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए, नगर पालिका सभी नालों को सरोवर से जोड़ने वाले मार्गों को बंद करने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा पानी की सफाई के लिए एक प्लांट लगाने हेतु लगभग 3 करोड़ रुपए का नया प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को भेजा गया है। इन उपायों से सरोवर को उसकी पुरानी पहचान दिलाने की उम्मीद है।
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