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मुंगेली जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दो कृषि केंद्रों पर अनियमितता पाई गई है। इन केंद्रों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है, जिसमें एक का लाइसेंस निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया है और दूसरे की उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। खरीफ 2026 सीज़न में किसानों को समय पर उच्च गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज मिल सकें, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। जिले में उर्वरकों और बीजों के भंडारण, वितरण और विक्रय व्यवस्था की नियमित जांच की जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में, जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने जिले की विभिन्न सेवा सहकारी समितियों और निजी कृषि केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सेवा सहकारी समिति कोदवाबानी सहित लोरमी क्षेत्र के कई निजी कृषि केंद्रों की जांच की गई। लालपुर के कृषि केंद्र को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस जांच के दौरान, लालपुर थाना क्षेत्र स्थित एक कृषि केंद्र में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस पर केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, उसकी अनुज्ञा (लाइसेंस) निलंबित करने के लिए उप संचालक कृषि को प्रस्ताव भेजा गया है। इसी तरह, विकासखंड मुंगेली के एक अन्य कृषि केंद्र के निरीक्षण में भी अनियमितताएं सामने आईं। इस केंद्र को भी नोटिस जारी किया गया और उर्वरक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। शेष कृषि केंद्रों को नियमानुसार संचालन करने और किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिला उर्वरक निरीक्षक मनहरण कुर्रे ने बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों और बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। किसानों को सुगमता से सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रफुल्ल जायसवाल भी उपस्थित रहे।
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