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नवा रायपुर इलाके में स्थित ब्लू वाटर खदान में पिकनिक मनाने गए 10वीं के दो छात्र शुक्रवार सुबह डूब गए। दोनों छात्रों के साथ गए अन्य छात्र डरकर वहां से भागने लगे। गांव वालों ने जब यह देखा तो उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पु
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करीब चार घंटे तक दोनों छात्रों की तलाश की गई। अंधेरा होने की वजह से टीम बाहर निकल गई। शनिवार सुबह फिर से दोनों छात्र की तलाश की जाएगी। दोनों के घरों में मातम छाया हुआ है। देर रात तक परिजन वहीं डटे हुए थे।
पुलिस ने बताया कि कबीर नगर निवासी संजय साहू का बेटा जयेश साहू (15) और राजिम निवासी तरुण वजरिया का बेटा मृदुल वजरिया (15) दोनों ही टाटीबंध स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल में 10वीं के छात्र थे। दोनों आशुतोष, आयुष, विरलराज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श और प्रियेश के साथ स्कूल बंक कर मोपेड में ब्लू वाटर खदान गए थे।
ब्लू वाटर खदान में अब तक हुए हादसे
- अगस्त 2017 में देवेंद्र नगर की 17 साल की सुनैना की डूबने से मौत हो गई।
- मई 2019 को दोस्तों के साथ गए 17 साल के मोहन बाघ की डूबने से मौत।
- मार्च 2023 को पिकनिक मनाने गए दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई।
- जून 2023 को दोस्तों के साथ नहाने गए तीन युवक नदीम, फैजल और शहबाज की मौत हो गई।
अच्छा क्रिकेटर था मृदुल पुलिस ने बताया कि मृदुल की मां ममता वजरिया छात्रावास अधीक्षक हैं। उनकी पोस्टिंग अभी बस्तर लोहांडीगुड़ा में है। उनके पिता राजिम में रहते हैं। स्कॉलरशिप में मृदुल का चयन हुआ है। वह टाटीबंध में ही हॉस्टल में रहता था। वह अच्छा क्रिकेटर था। उसका स्कूल स्तरीय टीम में भी चयन हुआ था। वह आगे चलकर रणजी और भारतीय टीम के लिए खेलना चाहता था। घटना के बाद से माता-पिता सदमे में हैं। वहीं जयेश के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। जयेश भी पढ़ाई में अच्छा था।
हर साल बच्चों की जा रही जान, फिर भी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं ब्लू वाटर खदान में हर साल मासूमों की जान जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन ने वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। यहां किसी तरह का संकेतक या चेतावनी वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। खदान कितना गहरा है यह भी किसी को पता नहीं है। रोज वहां पर युवा पिकनिक मनाने जाते हैं।
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