बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा शनिवार (25 अक्टूबर) को नहाय-खाय के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक शुरू हो गया। व्रत के दूसरे दिन हजारों की संख्या में व्रती महिलाएं कन्हर नदी तट पर पहुंचीं, जिनमें दूसरे प्रदेशों और छत्तीसग
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यहां उन्होंने विधि-विधान से स्नान, ध्यान और थाला पूजन किया। नदी से जल भरकर व्रती महिलाएं अपने घरों को लौटीं और आगे की पूजन तैयारियों में जुट गईं। अगले दिन खीर-भोजन के साथ खरना संपन्न हुआ, जिसके बाद व्रती महिलाएं 36 घंटे के कठिन निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगी।
यह उपवास आत्मसंयम और सूर्य देव के प्रति अटूट भक्ति का प्रतीक है। सोमवार यानि आज शाम को व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी, और मंगलवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का समापन होगा।

आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूरी
छठ पर्व को लेकर नगर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। सोमवार के सुबह तक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। छठ घाटों पर सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
नवयुवक दुर्गा पूजा संघ के आलोक गुप्ता और अन्य सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूर्ण सहयोग दे रहे हैं।
बाजारों में दिन भर रही भीड़
पूरे नगर में भक्ति और उल्लास का माहौल व्याप्त है। पर्व के लिए गांधी चौक, पीपल चौक और गांधी मैदान में सुबह 6 बजे से ही छठ उपयोगी सामग्री की दुकानें सज गई थीं।
ग्राहकों की भीड़ सुबह से ही उमड़ना शुरू हो गई थी और दिन भर बाजार में चहल-पहल बनी रही। गन्ना, सूप, दौरी, पीतल के बर्तन और पंचमेवा जैसी सामग्री की कई दुकानें लगी थीं।
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