उल्लास नवभारत साक्षरता परीक्षा में पलारी ब्लॉक के लगभग 3500 लोगों ने भाग लिया। इस परीक्षा की खासियत यह रही कि इसमें कई परिवारों की तीन पीढ़ियों ने एक साथ हिस्सा लिया, जो शिक्षा के प्रति उत्साह का प्रमाण है।
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एक ऐसा ही परिवार सामने आया, जहां सास भक्तिन बाई, बहू रूपा और बेटा धर्मेंद्र ने एक ही केंद्र पर बैठकर लिखित परीक्षा दी। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ब्लॉक के अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित की गई।
इसमें साक्षरता के इच्छुक प्रतिभागियों ने लिखित परीक्षा दी। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की सफलता में 506 स्वयंसेवक शिक्षकों (वीटी) की टीम का अथक परिश्रम रहा। उन्होंने पूरे ब्लॉक में अभियान चलाकर लोगों को प्रेरित किया और परीक्षा का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया।

बीईओ ने ‘उल्लास नवभारत’ कार्यक्रम की सराहना की
परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) नरेश वर्मा ने इस सामूहिक उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा, “उल्लास नवभारत कार्यक्रम सिर्फ साक्षरता का आंकड़ा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का एक जरिया है।”
तीन पीढ़ियों की भागीदारी को शिक्षा की ललक बताया
वर्मा ने आगे कहा, “जब एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ परीक्षा देती हैं, तो यह शिक्षा की ललक का प्रमाण है। हमारे सभी 506 वॉलंटियर टीचर्स ने इस मुहिम में अतुलनीय भूमिका निभाई है। यह कार्यक्रम नवसाक्षरों को आत्मविश्वास देने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

निरीक्षण दल ने परीक्षा केंद्रों का किया जायजा
निरीक्षण दल में बीईओ नरेश वर्मा के अलावा मुकेश साहू, कविता सरसिहा, मंजू देवांगन सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते हुए प्रतिभागियों का हौसला अफजाई भी की।
अधिकारियों ने बताया कि इस साक्षरता परीक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना ही नहीं, बल्कि लोगों को दैनिक जीवन में होने वाली मूलभूत गणनाओं, बैंकिंग जानकारी और सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है।

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