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छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिला के चिराईपानी में महालक्ष्मी कास्टिंग कंपनी की दीवार पास ही स्थित ओम रुपेश कंपनी के लेबर क्वार्टर पर गिरने से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। वहीं हादसे मंे दो लोग घायल हुए। जहां इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 6 सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। आज कांग्रेस की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और कई तरह की जानकारी ली। इस जांच समिति में विधायक चंद्रपुर रामकुमार यादव को संयोजक बनाया गया था। विधायक जैजेपुर बालेश्वर साहू, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, पीसीसी महामंत्री आरती सिंह और निगम नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया को सदस्य नियुक्त किया गया था। ऐसे में मंगलवार को जांच टीम ने चिराईपानी स्थित घटना स्थल का निरीक्षण किया। जहां देखा गया कि ओम रुपेश कंपनी के द्वारा मनमानी की जा रही थी और यह हादसा भी कंपनी की लापरवाही से हुआ। जांच में यह बात भी सामने आई कि इन मजदूरों को 400-500 प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता था और श्रम नियमों को कोई पालन नहीं किया जाता था। बताया जा रहा है कि करीब 20 फीट ऊंची दीवार की नींव काफी कमजोर थी और दीवार को बीच-बीच से पानी की निकासी के लिए तोड़ दिया गया था। सुरक्षा के मापदंड अनुरूप निर्माण नहीं होने की वजह से दीवार गिरी जिसकी चपेट में आकर गर्भवती महिला रंभा यादव की जान गई। जबकि दो अन्य मजदूर सुनील यादव व रिंकी यादव घायल हुए। कांग्रेस का कहना था कि यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है और प्रबंधन के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज होना चाहिए।
सरकारी जमीन में भी कब्जा
जांच कमेटी का यह भी कहना था कि प्लांट प्रबंधन ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है वहीं तालाब को भी पाटने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। इतना ही नहीं प्लांट के इर्द-गिर्द ग्रीन बेल्ट पर भी कब्जे की शिकायत है। वहीं इन तमाम बिंदुओं को लेकर उन्होंने कलेक्टर से भी जांच की मांग करने की बात कही है।
मृतिका को 2 करोड़ मुआवजा देने की मांग
साथ ही कांग्रेस कमेटी ने मृतिका के परिजनों कों दो करोड़ व घायलों कों एक एक करोड़ रुपय मुआवजा देने की भी मांग शासन से की है। घटना स्थल के बाद जांच टीम अस्पताल पहुंची। जहां घायलों से चर्चा की, जिसमें जानकारी हुआ कि यहां भी ओम रुपेश कंपनी के द्वारा कोई मदद नहीं की जा रही है। बल्कि आयुष्मान कार्ड से उनका इलाज हो रहा है।
जांच रिपोर्ट सौंपा जाएगा
जांच टीम के सदस्य सलीम नियारिया ने बताया कि मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है। कंपनी में मजदूरों के लिए श्रम नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही पास के सरकारी जमीन व तलाब को कब्जा की बात सामने आई है। घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों व घायलों से मुलाकात किया गया है। जांच टीम के द्वारा रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सौंपा जाएगा।
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