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कथावाचकों पर विवादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को भिलाई में आयोजित हनुमंत कथा में पहुंचे हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने भूपेश बघेल को रावण बताया। महंत ने भूपेश के संत परिवार से होने के जवाब में बयान देते हुए कहा कि भूपेश बघ
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अयोध्या के महंत ने कहा- उनकी भाषा और कार्यशैली सनातन के विरुद्ध छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर अयोध्या के महंत ने तीखा हमला बोला है। महंत ने भूपेश बघेल के बारे में कहा कि उनकी भाषा, भाव और कार्यशैली सनातन संस्कृति के विरुद्ध है। महंत का कहना है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह की ओछी और मर्यादाहीन टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती, विशेषकर तब जब वे स्वयं महात्मा गांधी की विचारधारा का दावा करने वाली पार्टी से आते हों। अपने बयान में महंत ने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण एक ब्राह्मण और विद्वान था, भगवान शिव का उपासक था, लेकिन उसके कर्म सनातन संस्कृति के विनाश की ओर थे।
साधु संतों का ही नहीं, लाखों सनातनियों की आस्था का अपमान महंत ने कहा कि संतों और धार्मिक कथावाचकों पर टिप्पणी करना न केवल साधु-संतों का अपमान है, बल्कि यह लाखों सनातनियों की आस्था पर सीधा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर धाम और पं. प्रदीप मिश्रा जैसे संतों को बीजेपी का एजेंट बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संतों का कार्य किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि समाज के पीड़ित, दुखी और परेशान लोगों के कल्याण के लिए होता है। महंत ने सवाल उठाया कि क्या किसी के जीवन के कष्ट दूर करना किसी राजनीतिक पार्टी का काम है?
महात्मा गांधी ने की थी रामराज्य की परिकल्पना महंत ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने रामराज्य की परिकल्पना की थी। अगर कांग्रेस पार्टी वास्तव में गांधी के विचारों को मानती है, तो फिर सनातन परंपरा और संतों के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी कैसे उचित ठहराई जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आज जिन विचारों के कारण समाप्ति की ओर बढ़ रही है, उनमें ऐसे ही बयान प्रमुख कारण हैं।
बयानों की टाइम लाइन- जानिए कब-किसने क्या कहा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : 21 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रदेश में दो महाराज पं. प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री महाराज भगवान के बारे में न बताकर अब टोटके बताते हैं। अंधविश्वास फैलाने का काम करते हैं। इसके बाद उन्होंने कहा था कि देश में कभी हिंदू खतरे में नहीं था। लेकिन जब से बीजेपी-आरएसएस सत्ता में आई है तब से हिंदू खतरे में है का डर दिखाकर तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।
पं. धीरेंद्र शास्त्री : 25 दिसंबर को पत्रकारों से चर्चा के दौरान भिलाई में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें यह देश छोड़ देना चाहिए।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव : 26 दिसंबर को टीएस सिंहदेव ने भिलाई में कहा कि मुगल काल में हिंदू सुरक्षित थे। इतिहास में हिंदुओं के दमन के कोई प्रमाण नहीं मिलते। हम खुद एक राजपरिवार से आते हैं। इतिहास में कहीं नहीं मिलता कि उस दौर में धर्म के आधार पर दमन किया गया हो। मुगल काल में सरगुजा रियासत सुरक्षित रही।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी : 26 दिसंबर को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि ज्यादातर मुगल बादशाह धर्मनिरपेक्ष थे। अकबर की बेगम हिंदू थीं। जहांगीर की शादी भी ठाकुर समुदाय में हुई थी, उनकी पत्नी भी हिंदू थीं। शाहजहां की पत्नी भी हिंदू थीं। जिन लोगों की बीवियां हिंदू हुईं, वह कैसे हिंदू समाज के लोगों पर अत्याचार कर सकते हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल : 27 दिसंबर को भूपेश बघेल ने बयान दिया कि पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री धार्मिक आयोजनों की आड़ में पैसा बटोरने आते हैं। बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। जब धीरेंद्र शास्त्री पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं। वह कल का बच्चा है। हमें सनातन धर्म सिखाने चला है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को खुली चुनौती है। वे छत्तीसगढ़ के किसी भी साधु-संत से शास्त्रार्थ कर लें। जब वे पैदा भी नहीं हुए थे तब से मैं हनुमान चालिसा पढ़ रहा हूं। किसी बाहरी व्यक्ति से सीखने की जरूरत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री से उनका बेटा भी उम्र में 10 साल बड़ा है।
अरुण साव डिप्टी सीएम : 29 दिसंबर को भिलाई में साहू समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा कि भूपेश बघेल उस पार्टी के नेता हैं जिन्होंने भगवान राम को काल्पनिक कहा, काल्पनिक माना। अयोध्या में हमारे भांचा राम के मंदिर के निर्माण में रोड़े अटकाए। आज जब धर्माचार्य धार्मिक कथा करने आए हैं, हनुमान जी की कथा सुनाने आएं तो आज फिर से कांग्रेस नेताओं का जो सनातन विरोधी चेहरा है वो बार-बार उभर कर आता है। फिर से उभर कर आया है। उनके मन में जो सनातन के प्रति घृणा है भाव है, वही प्रलक्षित हो रहा है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा : 29 दिसंबर को ही कथा स्थल पर पं. धीरेंद्र शास्त्री के सामने उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं उटपटांग बात करने वालों को समझना होगा कि इतनी बड़ी जनता के जो श्रद्धा केंद्र पं. धीरेंद्र शास्त्री जी हैं तो वो जब आना चाहेंगे छत्तीसगढ़ तो हम उनको अपने कंधे पर बिठा कर लाएंगे। अपनी पलकों पर बिठा कर लाएंगे।
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