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बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के लिए सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संदीप अग्रवाल ने प्राथमिक शाला तारबाहर के विद्यार्थियों के साथ मिलकर सीड बॉल बनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। इस दौरान सीईओ अग्रवाल ने बच्चों के साथ मिलकर सीड बॉल बनाए और उन्हें प्रकृति संरक्षण तथा पौधरोपण का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि तखतपुर के बेलपान गांव की विभिन्न समितियों ने आगामी बारिश में पौधरोपण के लिए डेढ़ लाख सीड बॉल तैयार किए हैं। सीईओ ने जानकारी दी कि जिले की कई शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक संस्थाओं में बड़े पैमाने पर पौधरोपण के लिए सीड बॉल बनाने का कार्य चल रहा है। तारबाहर स्कूल के कार्यक्रम में संयुक्त संचालक अनिल तिवारी भी उपस्थित थे। जिला पंचायत सीईओ अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीड बॉल प्रकृति को हरा-भरा बनाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। वर्षा ऋतु में इन्हें खुले स्थानों पर डालने से बीज अंकुरित होकर पौधे बन सकते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल बनाने की प्रक्रिया में भाग लिया, जहां उन्हें मिट्टी, गोबर खाद और बीजों के मिश्रण से सीड बॉल तैयार करने की विधि सिखाई गई। सीईओ अग्रवाल ने विद्यार्थियों से जल संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के सशक्त वाहक बनेंगे।
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