बिलासपुर संभाग में 10 महीने में 3 बड़े हादसे, 11 की मौत
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को काम के दौरान एक ऑपरेटर लगभग 30 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। दरअसल, उद्योगों में लगातार हो रहे हादसों से यह साफ हो रहा है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी हो रही है।
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बिलासपुर संभाग के सक्ती और मुंगेली में भी पहले कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें इंजीनियर, सुपरवाइजर और टेक्नीशियन सहित कुल 11 कर्मचारियों की मौत हुई है। इन सभी मामलों में सिर्फ FIR दर्ज की गई और औपचारिकताएं पूरी की गई, लेकिन किसी फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इनकी निगरानी करने वाले औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने भी कभी कोई एक्शन नहीं लिया है।
पहले जानिए कैसे हुआ हादसा…सड़ी जाली में पैर रखते ही टूटा बिल्हा में मंगल स्पंज आयरन फैक्ट्री है, जहां ग्राम भैंसबोड़ निवासी मिथिलेश यादव (23) क्रेन ऑपरेटर था। रोज की तरह 29 अक्टूबर 2025 को वह ड्यूटी पर था। रात में शिफ्ट खत्म होने के बाद भी वह ओवरटाइम कर रहा था। इस दौरान किसी काम से जब वह क्रेन से नीचे उतरा, तो उसका पैर सड़ी हुई जाली पर पड़ा और वह सिर के बल नीचे गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई।

बिल्हा में मंगल स्पंज आयरन फैक्ट्री में क्रेन ऑपरेटर मिथिलेश यादव की मौत।
साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स रेफर किया, लेकिन सिम्स पहुंचते तक उसकी मौत हो गई।
सुरक्षा में लापरवाही, जिम्मेदार विभाग के अफसर उदासीन दरअसल, संभाग की जितनी भी फैक्ट्री और प्लांट में बड़े हादसे हुए हैं, उसमें सुरक्षा नियमों में लापरवाही सामने आई है। 4 अगस्त 2025 को सीपत के एनटीपीसी यूनिट-5 में मेंटेनेंस के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म टूट गया। इसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और कई घायल हुए।
इस हादसे के बाद मजदूरों और उनके परिजनों ने कहा कि यह सुरक्षा में लापरवाही की वजह से हुआ। लेकिन, मृतक परिवार को मुआवजा देकर शांत करा दिया गया।

ऐसा ही 9 जनवरी मुंगेली जिले के सरगांव के रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेल्टर प्लांट में साइलो टैंक ढह गया। इस हादसे में भी सुरक्षा नियमों में लापरवाही सामने आई।
हाल ही में 7 अक्टूबर 2025 को सक्ती के आरकेएम पावर प्लांट में बॉयलर की मरम्मत के लिए जा रहे 10 मजदूरों को ले जा रही लिफ्ट 130 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई। इस लिफ्ट में मजदूरों की सुरक्षा का कोई इंतजाम ही नहीं था, जिसके कारण ये हादसा हुआ।
बतादें कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों को तय करने और निगरानी के लिए औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अफसर जिम्मेदार हैं। लेकिन, अफसर फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान ही नहीं देते। हादसा होने के बाद जांच होती है। लेकिन, जांच रिपोर्ट फाइलों में ही दब जाती है।
जानिए कब-कब हुए बड़े हादसे और कितनी मौतें हुईं
- कुसुम स्मेल्टर रामबोड़ गांव स्थित कुसुम स्मेल्टर प्लांट में 9 जनवरी को साइलो टैंक ढह गया। इस हादसे में चार मजदूरों की की जान चली गई। पुलिस ने प्रबंधन की लापरवाही को लेकर केस दर्ज किया। औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने भी जांच की। लेकिन, किसी जिम्मेदार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
- 4 अगस्त को सीपत के एनटीपीसी के यूनिट-5 में मेंटेनेंस के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म टूट गया। इसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और कई घायल हुए। हादसे के बाद मजदूरों के परिजन ने प्लांट गेट पर हंगामा किया था। लेकिन, मृतक परिवार को मुआवजा देकर शांत करा दिया गया।
- सक्ती के आरकेएम पावर प्लांट में 7 अक्टूबर को बॉयलर की मरम्मत के लिए जा रहे 10 मजदूरों को ले जा रही लिफ्ट 130 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई। हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई और छह गंभीर रूप से घायल हुए। प्लांट मालिक समेत आठ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। यहां भी प्रबंधन के जिम्मेदार अफसरों पर कोई सख्ती नहीं दिखाई गई।

सुरक्षा में लापरवाही से मौत का आरोप।
परिजन ने मांगे 40 लाख, प्रबंधन ने 20 लाख देकर बनाई सहमति बिल्हा में हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन शव का पीएम कराने के लिए सिम्स अस्पताल पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम से पहले ही परिजनों ने 40 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। पूरे दिन प्रशासन और परिजन के बीच मान-मनौव्वल चलता रहा।
इस दौरान परिजन 40 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़ गए और शव घर ले जाने से इनकार कर दिया। दिनभर कंपनी के चार सुपरवाइजर मुआवजा राशि को लेकर बातचीत करते रहे। देर शाम तहसीलदार टोपलाल सिदार की मौजूदगी में 20 लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बनी। कंपनी की ओर से एक लाख रुपए तत्काल दिए गए, जिसके बाद परिजन शव लेकर घर लौटे।
डीएसपी बोले- पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग करेगी आरोपों की जांच डीएसपी डीआर टंडन ने बताया कि प्लांट में हुए हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई है। शव को सीधे सिम्स लाया गया था। इसके चलते बिल्हा पुलिस को जानकारी नहीं लगी। मामले में शून्य अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम हादसे की जांच करेगी।
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