![]()
रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला विशेष न्यायाधीश (NDPS) पंकज कुमार सिन्हा ने सुनाया।
.
सरकारी वकील के के चन्द्राकर ने बताया कि 11 सितंबर 2022 को पुलिस सहायता केंद्र सिलतरा के उपनिरीक्षक प्रियेश जॉन को सूचना मिली थी कि इंडेन ऑयल पेट्रोल पंप के पास सर्विस रोड पर तीन युवक बैग में गांजा लेकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों को साथ लेकर मौके पर दबिश दी और तीनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा।
आरोपियों के पास से मिला 14.5 किलो गांजा
तलाशी के दौरान तीनों के पास से अलग-अलग बैग और झोले में गांजा बरामद हुआ। राहुल उर्फ आशीष द्विवेदी के पास से 5 किलो 300 ग्राम, अमन शुक्ला के पास से 4 किलो 800 ग्राम और विनीत द्विवेदी के पास से 4 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ है।
कुल मिलाकर करीब 14 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया गया।
आरोपियों से सहमति के बाद ली गई तलाशी
पुलिस ने आरोपियों को NDPS एक्ट की धारा 50 के तहत उनके अधिकार बताए। उनकी सहमति के बाद मौके पर ही तलाशी ली गई। बरामद पदार्थ की पहचान सूंघकर, रगड़कर और जलाकर गांजा के रूप में की गई। बाद में इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल कर पंचनामा तैयार किया गया और सैंपल भी लिए गए।
कोर्ट ने कहा- नशे के मामलों में नहीं बरती जा सकती नरमी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित हुआ है। साथ ही यह भी कहा कि राज्य में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती।
5-5 साल की सजा और जुर्माना
कोर्ट ने तीनों आरोपियों राहुल उर्फ आशीष द्विवेदी, अमन शुक्ला, विनीत द्विवेदी को NDPS एक्ट की धारा 20 (b)(ii)(B) के तहत दोषी ठहराते हुए 5-5 साल का कठोर कारावास 50-50 हजार रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई है।
तीनों आरोपी 12 सितंबर 2022 से 19 अक्टूबर 2022 तक जेल में रहे थे। इस अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
<
