छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में अब टैक्स कलेक्शन की मॉनिटरिंग पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्ल्ड बैंक परियोजना के अंतर्गत जीआईएस आधारित पोर्टल https://cgurbanbansgis.in
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शुरू किया है। इसके जरिए राज्यभर के नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में संपत्तिकर, समेकितकर, जलकर और अन्य करों का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।

रायपुर नगर निगम मुख्यालय।
विभाग ने आदेश जारी कर सभी निकायों को पोर्टल के माध्यम से कर संग्रहण अनिवार्य कर दिया है। नए सिस्टम के तहत नागरिक अब अपने घर बैठे ऑनलाइन टैक्स भुगतान कर सकेंगे, साथ ही संपत्ति डेटा में संशोधन और अन्य प्रशासनिक कार्य भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जा सकेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि टैक्स संग्रहण और नागरिक सेवाओं की निगरानी आसानी से की जा सके।

प्रॉपर्टी आईडी डालकर ऑनलाइन टैक्स जमा किया जा सकता है।
2025-26 से सभी निकायों में टैक्स लिया जाएगा ऑनलाइन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से सभी निकायों में संपत्तिकर, समेकितकर और जलकर का भुगतान पूर्णतः ऑनलाइन होगा। इसके लिए प्रत्येक निकाय को अपने स्तर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कर संग्रहण और वसूली प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस डिजिटल पहल से न केवल नागरिकों को पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी, बल्कि शासन को वास्तविक समय में टैक्स कलेक्शन की निगरानी भी संभव होगी। विभाग का मानना है कि इस सिस्टम से टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा और नगरीय निकायों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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