छत्तीसगढ़ में जमीन राजिस्ट्री को लेकर विष्णु देव साय की सरकार के द्वारा तय किए गए नए नियमों के विरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने घड़ी चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। राज्य सरकार ने जमीन राजिस्ट्री को लेकर जो नई गाइडलाइंस जारी की ह
.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बाल कृष्ण पाठक ने कहा कि कांग्रेस शासन में यह व्यवस्था थी कि बाजार मूल्य पर 30 प्रतिशत छूट देकर उसपर 4 प्रतिशत राजिस्ट्री शुल्क लिया जाता था। नई गाइडलाइंस के अनुसार जहाँ राजिस्ट्री शुल्क के निर्धारण का आधार बाजार मूल्य को बनाया गया है, वहीं पंजीकरण शुल्क को 4 प्रतिशत ही रखा गया है। इससे भूमि के मूल्य में भारी वृद्धि होना तय है।

रैली निकाल किया पुतला दहन
दूसरी व्यवस्था यह बनाई गई है कि यदि कोई भू-खंड मुख्य मार्ग पर है तो उस भू-खंड को दो हिस्से में बांटकर उसके बाजार मूल्य का निर्धारण किया जाएगा। सड़क से लगी सामने की भूमि की कीमत की कीमत पीछे की भूमि से अधिक आकलित की जाएगी, जबकि पहले पूरे भू-खंड का एक कीमत निर्धारित होता था। इस कारणवश भी भूमि की कीमतों में भारी वृद्धि की संभावना है।
लोगों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के इस कदम के कारण आमजन के साथ ही व्यापारियों और रियल स्टेट कारोबारियों पर बड़ा आर्थिक भार पड़ना सुनिश्चित है। पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार लोक कल्याणकारी कार्य करने के बजाय एक व्यापारी की तरह व्यवहार कर रही है। ये सरकार आम जनता को किसी भी प्रकार की राहत देने को तैयार नहीं है।
पाठक ने कहा कि सरकार ने पहले बिजली कीमतों को बढ़ाया और बिजली बिल हाफ योजना को समाप्त किया और अब राजिस्ट्री कीमतों के भार जनता पर डाल दिया है। प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी की अदूरदर्शिता के कारण प्रदेश आर्थिक संकट में है। ये रहे शामिल
पुतला दहन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, एपी सांडिल्य, डॉ. लालचंद यादव, दुर्गेश गुप्ता, संजीव मंदिलवार, अनूप मेहता, विकल झा, जमील खान, संजय सिंह, लोकेश कुमार, अमित तिवारी, विकल झा, मदन जायसवाल, मो अख़्तर चम्मा, प्रीति सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह, निकी खान, सोहन जायसवाल सहित कांग्रेस एवं युवक कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
<
