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Home » Somnath Bhagat’s ‘Uraon’ caste certificate is legal | सोमनाथ भगत का ‘उरांव’ जाति प्रमाण पत्र विधि सम्मत: उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जांच के बाद माना वैध;सुप्रीम कोर्ट के फसलों का हवाला – Balrampur (Ramanujganj) News
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Somnath Bhagat’s ‘Uraon’ caste certificate is legal | सोमनाथ भगत का ‘उरांव’ जाति प्रमाण पत्र विधि सम्मत: उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जांच के बाद माना वैध;सुप्रीम कोर्ट के फसलों का हवाला – Balrampur (Ramanujganj) News

By adminDecember 4, 2025No Comments2 Mins Read
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नवा रायपुर स्थित आदिमजाति अनुसंधान-प्रशिक्षण संस्थान की उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ भगत के ‘उरांव’ अनुसूचित जनजाति जाति प्रमाण पत्र को विधिसम्मत घोषित किया है। निर्णय विस्तृत जांच और विजिलेंस सेल की रिपोर्ट के आधा

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बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के कुसमी निवासी सोमनाथ भगत, पिता महली भगत, के 20 अप्रैल 2009 को जारी जाति प्रमाण पत्र को समिति ने विधि अनुरूप प्रमाणित किया। 17 सितंबर 2025 की विजिलेंस रिपोर्ट में 1950 से पहले और उसके बाद के कई दस्तावेजों का उल्लेख है।

इनमें महली भगत के शैक्षणिक रिकॉर्ड, वर्ष 1942 का जेल रिकॉर्ड, सेवा संबंधी दस्तावेज और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में प्राप्त ताम्रपत्र शामिल हैं, जिनमें उनकी जाति ‘उरांव’ दर्ज है। अलग-अलग विभागों से मिले अभिलेख बताते हैं कि महली भगत की नियुक्ति 27 जुलाई 1953 को प्रधान पाठक के रूप में हुई थी।

मानवशास्त्रीय अध्ययन में मिले आदिवासी लक्षण

स्थानीय बुजुर्गों औक ग्रामीणों ने शपथ-पत्रों में भगत परिवार को 1948–49 से कुसमी का स्थानीय निवासी बताया है। मानवशास्त्रीय और नृजातीय अध्ययन में परिवार में जनजातीय परंपराएं, सामाजिक व्यवहार, गोत्र और टोटम जैसे स्पष्ट आदिवासी लक्षण पाए गए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला

समिति ने सुप्रीम कोर्ट के ‘माधुरी पाटिल बनाम आदिवासी विकास’ (1994) और ‘पंकज कुमार बनाम झारखंड राज्य’ (2021) मामलों का हवाला देते हुए कहा कि 1950 की अधिसूचना से पूर्व प्रमाणित जनजातीय स्थिति और राज्य विभाजन के बाद निवास की स्थिति आरक्षण पात्रता को प्रभावित नहीं करती।

जाति प्रमाण पत्र पूर्णतः वैध घोषित

सभी दस्तावेजों, विजिलेंस जांच और सामाजिक प्रास्थिति रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद समिति ने स्पष्ट किया कि 20 अप्रैल 2009 का ‘उरांव’ जाति प्रमाण पत्र पूर्णतः विधि सम्मत और वैध है।

आदेश की प्रतियां संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी

समिति ने आदेश की प्रतियां सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को पंजीकृत डाक से भेजने के निर्देश दिए हैं।



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