Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » बिना सबूत क्लेम रिजेक्ट करना गलत:आयोग ने बीमा कंपनी को ठहराया दोषी, 28 लाख देने का आदेश दिया
Breaking News

बिना सबूत क्लेम रिजेक्ट करना गलत:आयोग ने बीमा कंपनी को ठहराया दोषी, 28 लाख देने का आदेश दिया

By adminJune 14, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
9391d979 4607 4619 b01a 207ac7fdfa46 1781419894604
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



9391d979 4607 4619 b01a 207ac7fdfa46 1781419894604
बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने बिना पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य के बीमा क्लेम खारिज करने को गलत मानते हुए कंपनी को परिवादी को 28.24 लाख रुपए से अधिक की राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह डेढ़ महीने के भीतर भुगतान करे। आदेश के अनुसार कंपनी को एक्सीवेटर मशीन की क्षति के लिए 27.94 लाख रुपए, मानसिक प्रताड़ना के लिए 25 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए देना होगा। इसके अलावा साल 2022 से भुगतान की तारीख तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। आग लगने से क्षतिग्रस्त हुई थी मशीन मामला कोरबा निवासी एके शर्मा से जुड़ा है। उनकी वोल्वो क्राउलर एक्सीवेटर मशीन 7 अगस्त 2021 को एसईसीएल की बिजारी खदान में काम के दौरान आग लगने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। मशीन का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से ‘कॉन्ट्रैक्ट प्लांट एंड मशीनरी पॉलिसी’ के तहत कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट को बताया गया कारण घटना के बाद एके शर्मा ने मशीन की मरम्मत पर 46.41 लाख रुपए खर्च होने का दावा बीमा कंपनी के पास प्रस्तुत किया। जांच के लिए नियुक्त सर्वेयर मैक इंश्योरेंस सर्वेयर ने अपनी रिपोर्ट में आग लगने का कारण कंट्रोल पैनल में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट बताया और इसे आकस्मिक दुर्घटना माना। बीमा कंपनी ने इस आधार पर खारिज किया क्लेम बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मशीन का ऑपरेटर उसे चालू हालत में छोड़कर चला गया था, जो बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। कंपनी ने इसी आधार पर क्लेम देने से इनकार कर दिया। आयोग ने बीमा कंपनी की दलील को किया खारिज आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल तथा सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि मशीन में ऑटो-कट तकनीक लगी हुई थी। इस तकनीक के तहत चाबी बंद करने के तीन मिनट बाद मशीन अपने आप बंद हो जाती है। आयोग ने कहा कि ऐसी स्थिति में ऑपरेटर की लापरवाही नहीं मानी जा सकती। साथ ही बीमा कंपनी ऑपरेटर की जानबूझकर की गई लापरवाही साबित करने में भी असफल रही। सेवा में कमी मानते हुए दिया मुआवजा आयोग ने अपने फैसले में कहा कि बिना ठोस तकनीकी साक्ष्य के बीमा क्लेम खारिज करना सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर आयोग ने बीमा कंपनी को परिवादी को 28.24 लाख रुपए से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया है।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

Sarona Liquor Shop Theft | 7 Lakh Locker Stolen, CCTV DVR Taken

June 14, 2026

केशकाल कॉलेज में परीक्षा के बीच आग:प्राचार्य कक्ष में शॉर्ट सर्किट से हादसा, कोई जनहानि नहीं हुई

June 14, 2026

Chhattisgarh Poisoned Liquor Deaths | Village Probe

June 14, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

073996
Views Today : 1432
Views Last 7 days : 3005
Views Last 30 days : 7670
Total views : 99469
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.