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छत्तीसगढ़ में एसआईआर (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। इसके तहत 4 नवंबर से बीएलओ घर- घर जाकर मतदाताओं के पहचान पत्रों का सत्यापन करेंगे। दूसरी तरफ, भाजपा भी एसआईआर को लेकर पार्टी के स्तर पर तैयारी शुरू करने जा रही है। इसके तहत
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साथ ही पार्टी बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों को एसआईआर को लेकर ट्रेनिंग देने जा रही है। सबसे पहले विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश बुधवार को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इसी दिन प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रशिक्षण का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर 11 बजे प्रशिक्षण शुरू होगा। दरअसल, एसआईआर को लेकर पूरे देश में विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार सियासी हमले कर रहा है। प्रदेश के साथ ही पूरे देश में कांग्रेस वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान चला रही है।
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करने और जनता के बीच एसआईआर को लेकर भ्रम न फैले इस कोशिश के साथ भाजपा ने जनप्रतिनिधियों को ट्रेनिंग देने की मुहिम शुरू की है। बता दें कि पार्टी ने पहले ही बीएलए-1 और बीएलओ-2 की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। दरअसल, राज्य में एसआईआर कराने की आयोग की घोषणा के बाद सभी पार्टियों से बीएलए-1 और बीएलए-2 की सूची मांगी गई थी।
जिन सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा हारी वहां पूर्व प्रत्याशी रहेंगे सक्रिय
एसआईआर को लेकर बिहार में उपजे राजनीतिक विवाद के बाद भाजपा किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। यही वजह है कि भाजपा ने जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर जाने की खुद तैयारी कर ली है। इसके लिए विधायकों को तो ट्रेनिंग दी ही जाएगी। साथ ही उन विधानसभाओं में भी भाजपा ने सक्रियता से इस मुद्दे को उठाने का प्लान बनाया है, जहां पिछले चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इसी को ध्यान में रखकर प्रदेश कार्यालय में किए जाने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में विधानसभा चुनाव में हारने वाले प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है। विधायकों और पदाधिकारियों की ट्रेनिंग के बाद भाजपा मंडल और बूथों के पदाधिकारियों को भी एसआईआर से पूरी प्रक्रिया की जानकारी देगी।
विधायक, पूर्व प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष भी होंगे शामिल
भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्तमान विधायकों के साथ ही पिछले चुनाव के विधायक प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के साथ ही भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश पदाधिकारी और संगठन जिलों के जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल रहेंगे।
ट्रेनिंग का क्या है उद्देश्य: ट्रेनिंग का उद्देश्य यह है कि विधायक एसआईआर की प्रक्रिया को जानें, क्योंकि इस मुद्दे पर सभी को जनता के बीच भी जाना है। लोगों को यह बताना भी है कि एसआईआर से डरना नहीं है।
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