गांधी चौक पर गूंजा युवाओं का आक्रोश: परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा और CGPSC-2025 की परीक्षा प्रक्रिया पर रोक लगने के बाद बिलासपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आक्रोश सामने आया है। रविवार की रात शहर के गांधी चौक पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एकत्रित हुए और उन्होंने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। युवाओं ने इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया और मांग की कि सरकार जल्द से जल्द नई तारीखों की घोषणा करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से उनकी मेहनत और भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
रविवार देर शाम गांधी चौक पर जुटे प्रतियोगी युवक-युवतियों ने मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा की प्रक्रिया में जान-बूझकर गड़बड़ी की जा रही है और इसे अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब सरकार को पता है कि आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है, तो परीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने से पहले इन नियमों का गहन परीक्षण क्यों नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि सरकार के इस ढुलमुल रवैए के कारण प्रदेश में बेरोजगारी का ग्राफ बढ़ रहा है। सालों से कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं केवल भर्ती प्रक्रिया के सुचारू रूप से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के तीन साल के कार्यकाल के दौरान अब तक एक भी बड़ी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिससे युवाओं में हताशा और निराशा का माहौल व्याप्त है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगने का मुख्य कारण आरक्षण विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में दिव्यांग अभ्यर्थियों, विशेषकर पूर्ण दृष्टिबाधित (Blind) वर्ग को आरक्षण का उचित लाभ और आवेदन करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया था। इसी विसंगति के कारण सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्तमान में इस परीक्षा पर रोक लगा दी गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
कैंडल मार्च के दौरान CGPSC-2025 के अभ्यर्थियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और गड़बड़ियों के आरोप लगाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उसका समय पर आयोजन और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा की तारीखों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तैयारी कर रहे युवाओं पर भारी मानसिक दबाव बढ़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
युवाओं ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वे अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण साल लगा देते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी उनकी भविष्य की योजनाओं को पूरी तरह से प्रभावित करती है। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि आरक्षण से जुड़े सभी विवादों का जल्द से जल्द कानूनी निराकरण किया जाए और परीक्षाओं की नई समय-सारणी जारी की जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
गांधी चौक पर हुए इस प्रदर्शन में युवाओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया और भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी नहीं लाई गई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। अभ्यर्थियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाएं और परीक्षा प्रणाली में सुधार करें ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और योग्य उम्मीदवारों को समय पर रोजगार मिल सके।




