![]()
देवउठनी एकादशी की पूर्व संध्या पर आज आरंग लाखौली क्षेत्र के हाट-बाजारों में गन्ने की खरीदारी जोरों पर रही। परंपरागत रूप से भगवान विष्णु के जागरण और विवाह पर्व से जुड़े इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बाई इलाकों तक गन्ने की भारी मांग देखने को
.
लखोली, आरंग, जरौद, उमरिया गोढ़ी, भानसोज, खौली, पलौद फरफौद सहित आस-पास के ग्रामीण इलाकों से किसान ट्रैक्टर छोटे हाथी वाहन और ऑटो में भर-भरकर गन्ना लेकर बाजार पहुँचे। जहां एक-एक जोड़ी गन्ना 60 से 100 रुपए तक बिका। कुछ जगहों पर ऊँची मांग के कारण कीमतें और भी बढ़ीं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी देवउठनी पूजा के लिए गन्ना, तुलसी, दीपक, और मिट्टी के बर्तन खरीदते नजर आए।
छोटी दीपावली के लिए की गई खरीदारी
देवउठनी का पर्व आज सारागांव सहित नीलजा, पवनी, खौना, बरोंडा, अड़सेना, तर्रा, जरूदा, कुरा, बंगोली में पारंपरिक रूप से मनाया जाएगा। छोटी दीपावली मनाने लोग शुक्रवार को हाट बाजार में जमकर आवश्यक चीजों की खरीदारी करनी जुटे रहे।
सारागांव मेन रोड में विभिन्न स्थलों में गन्ने से लेकर विभिन्न सामानों की दुकाने सजी रहीं। गन्ना 70 से 80 रूपये बिका। छोटी दिवाली कहे जाने वाले इस पर्व में घर-घर गन्ने का मंडप सजेगा और तुलसी विवाह किया जाएगा। दीपावली के 13 दिनों पश्चात छोटी दीवाली के नाम से जाना जाता है।
इस दिन लोग अपनी तुलसी चौरा के सामने गन्ने का मंडप सजाकर भगवान शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह रचाएंगे। मान्यता है कि भगवान विष्णु 4 महीने शयन के बाद इसी दिन जागृत होते हैं और इसी दिन शुभ कार्य जैसे शादी ब्याह, नए घरों की पूजा पाठ सहित अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।
इस पर्व पर कांदा, सिंघाड़ा, तिखूर, गन्ना,राजगिर लड्डू व मीठा प्रसाद के रूप में वितरण किया जाता है। इसके अलावा यादव जाति के लोग देर रात तक गौ माता को सोहई बांधने का कार्य भी करते हैं।
<
