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Home » Sewerage project incomplete for 17 years…now cost reaches 429 crores | 17 साल से अधूरी सीवरेज प्रोजेक्ट…अब लागत पहुंची 429 करोड़: अरपा-नदी में छोड़ा जा रहा सिम्स का मेडिकल वेस्ट; सदन को गुमराह करते रहे अधिकारी – Bilaspur (Chhattisgarh) News
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Sewerage project incomplete for 17 years…now cost reaches 429 crores | 17 साल से अधूरी सीवरेज प्रोजेक्ट…अब लागत पहुंची 429 करोड़: अरपा-नदी में छोड़ा जा रहा सिम्स का मेडिकल वेस्ट; सदन को गुमराह करते रहे अधिकारी – Bilaspur (Chhattisgarh) News

By adminOctober 10, 2025No Comments6 Mins Read
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भूमिगत सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ ही अरपा बैराज और स्मार्ट सिटी के रिवर व्यू प्रोजेक्ट जैसे करोड़ों के काम में अफसरों ने सारे नियमों को ताक पर रखकर काम किया और जमकर मनमानी भी की।

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5 साल में पहले विधानसभा सत्र में कई बार सवाल उठाए गए। लेकिन, हर बार अफसर सदन को गुमराह करते रहे। इन परियोजनाओं का जमीनी हकीकत जानने के लिए सरकारी आश्वासन समिति ने स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें सीवरेज परियोजना में गंभीर अनियमितताएं और कार्य की निम्न गुणवत्ता सामने आई।

समिति की निरीक्षण में पता चला कि 17 साल से अधूरे सीवरेज प्रोजेक्ट का काम 210.25 करोड़ रुपए में पूरा होना था। लेकिन, इसकी लागत अब 429 करोड़ तक पहुंच गया है। फिर भी काम पूरा नहीं हो सका है। वहीं, समिति के सदस्यों ने ये भी देखा कि अरपा में नालों का गंदा पानी और सिम्स हॉस्पिटल का वेस्ट मटेरियल बहाया जा रहा है।

बिलासपुर में भूमिगत सीवरेज प्रोजेक्ट का हाल।

बिलासपुर में भूमिगत सीवरेज प्रोजेक्ट का हाल।

करोड़ों के प्रोजेक्ट्स का हाल देखने पहुंची समिति

दरअसल, 17 साल पहले शुरू हुए सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर साल 2020 से लेकर कई बार विधानसभा में सवाल उठाए गए। इसमें अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन को लेकर भी प्रश्न किया गया। जिसमें अरपा बैराज के साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अरपा रिवर व्यू रोड जैसे करोड़ों के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

लेकिन, अफसरों ने सदन को निर्माण पूर्ण होने, अनियमितता के लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई करने जैसे गोलमोल जवाब देकर गुमराह करने का काम किया। अफसरों के विधानसभा में दिए गए जवाबों की जमीनी हकीकत जानने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी आश्वासन समिति बनाई है।

यह समिति गुरुवार (9 अक्टूबर) को स्थल निरीक्षण करने के लिए बिलासपुर पहुंची। इस निरीक्षण के दौरान रिवर व्यू, पचरी घाट, दोमुहानी, देवरी खुर्द सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, राजकिशोर नगर स्थित पम्पिंग स्टेशन, सरकंडा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कोनी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण में ये भी पता चला है कि अरपा बैराज और रिवर व्यू फ्रंट योजना के तहत शहर का गंदा पानी अरपा नदी में बहाया जा रहा है, जिससे अरपा नदी प्रदूषित हो रही है। इन तमाम गड़बड़ियों को समिति ने बारीकी से देखा। साथ ही अधिकारियों को जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

समिति ने अधिकारियों को जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब समिति अपनी रिपोर्ट विधानसभा में पेश करेगी।

सरकारी आश्वासन समिति के सदस्य।

सरकारी आश्वासन समिति के सदस्य।

नियमों को दरकिनार कर बनाया प्लान

समिति ने सभी जगहों का निरीक्षण किया, जिसमें कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता को देखकर नाराजगी जताई। अफसरों ने बिना किसी ले-आउट के प्रोजेक्ट का प्लान तैयार किया है।

इसमें रिवर व्यू रोड बनाने के साथ ही शहर के नालों का पानी रोकने के लिए रिवर व्यू रोड में नाला बनाने का जिक्र किया है। लेकिन, नाले का निर्माण ही नहीं किया गया है। सिम्स अस्पताल के मेडिकल वेस्ट को अरपा नदी में छोड़ा जा रहा है। ऐसे में समिति ने सवाल किया तो अफसर मुंह ताकने लगे।

एक भी काम पूरा नहीं, अरपा बैराज पर भी गोलमोल जवाब

समिति ने यहां सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ ही अरपा बैराज और अरपा संवर्धन के कार्यों की जानकारी ली, तब पता चला कि कोई भी काम पूरा नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रिवर व्यू रोड बनाया गया है। लेकिन, इन सड़कों पर न तो एंट्री है और न ही एग्जिट है।

समिति ने देखा कि, किस तरह नाले का प्रदूषित पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। यहां नाला निर्माण अधूरा है। इसी तरह ट्रीटमेंट प्लांट का भी उपयोग नहीं हो रहा है। भूमिगत सीवरेज योजना भी अधूरी है। समिति ने अफसरों से सवाल किया तो वो गोलमोल जवाब देकर बहानेबाजी करते रहे।

रिपोर्ट बनाकर विधानसभा में पेश करेगी समिति

रिपोर्ट बनाकर विधानसभा में पेश करेगी समिति

मेंटनेंस और कंसल्टेंसी के नाम पर लाखों रुपए खर्च

17 साल बाद भी से अधूरा है, लेकिन नगर निगम करोड़ों रुपए मेंटेनेंस और कंसल्टेंसी के नाम पर खर्च कर रहा है। स्थिति यह है कि न तो मुख्य ट्रंक लाइनें तैयार हुई हैं, न ही सीवरेज नेटवर्क पूरी तरह चालू हुआ है। बावजूद इसके एसटीपी व एसपीएस के संचालन व रखरखाव पर हर साल लाखों रुपए राशि खर्च की जा रही है।

जानिए… सीवरेज के मेंटेनेंस पर खर्च

कुल 4 एसपीएस बने, 3 ही संचालित। इसके मेंटेनेंस के लिए 2 करोड़ का प्रस्ताव पास हुआ है।

  • एसटीपी दोमुहानी-चिल्हाटी पर सालाना 2 करोड़ रुपए मेंटेनेंस पर खर्च हो रहा है।
  • कंसल्टेंसी पर कुल 1.70 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • फिर भी अधूरा सीवरेज नेटवर्क

रिपोर्ट बनाकर विधानसभा में पेश करेगी समिति

समिति के सभापति और सदस्यों ने बताया कि साल 2019, 2020 और 2022 के सत्र के दौरान में अरपा नदी में हो रहे निर्माण कार्यों, बैराज, एचटीपी और सीवरेज परियोजना को लेकर सवाल किए गए थे, जिस पर चर्चा के दौरान अफसरों ने जवाब में वादे और आश्वासन दिया था। जिसकी सच्चाई जानने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी आश्वासन समिति बनाई है।

समिति को जांच के लिए स्थल निरीक्षण का कार्यक्रम तय किया गया था, जिसके परिपालन में स्थल निरीक्षण किया गया। इस दौरान परियोजनाओं की स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता सहित सभी तरह की जानकारी एकत्र की गई है। समिति जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे विधानसभा में रखा जाएगा।

जवाबदेही तय अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश

समिति ने सभी परियोजनाओं पर खर्च, क्रियान्वयन व उपयोग को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी ली। समिति के सभापति भैयालाल राजवाड़े ने कहा कि शहर के महत्वकांक्षी योजनाओं को लेकर निरीक्षण किया गया है, जिसकी रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी। यह समिति निराकरण और कार्रवाई का निर्णय लेगी।

कोशिश होगी तमाम प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए। ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके। समिति ने बैठक में अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि जनता के धन से हो रहे कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

भैयालाल राजवाड़े हैं सरकारी आश्वासन समिति के सभापति

इस सरकारी आश्वासन समिति के सभापति बैकुंठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े को बनाया गया है। इसके साथ ही सदस्य के रूप में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक,

तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के साथ ही बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला हैं, निरीक्षण के दौरान विधायक अमर अग्रवाल को छोड़कर सभी सदस्य मौजूद रहे।



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