सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरसीवां में प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालय को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के विरोध में सोमवार को सर्वदलीय महाविद्यालय निर्माण संघर्ष समिति ने धरना प्रदर्शन किया। समिति की मांग है कि महाविद्यालय सरसीवां में ही खोला जाए।
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स्थानीय लोगों ने पहले भी कॉलेज को सरसीवां में ही रखने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था और 8 दिसंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। यह विरोध प्रदर्शन पूर्व कांग्रेस सरकार के समय प्रस्तावित कॉलेज को धोबनी गांव में स्थानांतरित किए जाने के निर्णय के खिलाफ है।

राजनीतिक स्वार्थ का लगाया आरोप
8 दिसंबर की सुबह 10 बजे से सरसीवां बस स्टैंड पर सर्वदलीय महाविद्यालय निर्माण संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। इसमें छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरसीवां नगर पंचायत में छात्रों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण सरकारी महाविद्यालय को धोबनी गांव ले जाया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी कॉलेज को सरसीवां में ही नहीं रखा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस धरना प्रदर्शन में नगर पंचायत सरसीवां के पूर्व अध्यक्ष नीतीश बंजारे, पूर्व पार्षद रेशम कुर्रे, बसपा जिला प्रभारी दयाराम खुराना, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन, भीम आर्मी के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
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