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राजस्व रिकार्ड में कूट रचना और फर्जीवाड़ा करने के आरोपी जूता कारोबारी एफआईआर दर्ज होने के बाद भी खुलेआम घूम रहा है। आरोप है कि सिविल लाइन पुलिस उसे इस केस में जेल जाने से बचने के लिए जमानत लेने की छूट दी है। आरोपी व्यावसायी ने 15 साल पहले पटवारी से मिलकर राजस्व रिकॉर्ड में ओवर राइटिंग कर कस्तूरबा नगर में पॉश लोकेशन की जमीन को 3 से 6 डिसमिल बनाया। फिर उसे 2011 में दो अलग-अलग लोगों को मोटी कीमत पर बेच भी दी। सिंधी कॉलोनी निवासी किशोर दयालानी पिता डूलाराम दयालानी जूता व्यावसायी है। गोलबाजार और पुराना बस स्टैंड स्थित राजीव प्लाजा में किशोर बूट हाउस और फूट वियर के नाम पर उसकी दुकान है। उन्होंने 16 जनवरी 2009 को कस्तूरबा नगर जरहाभाठा खसरा नं. 54/25 में लोईस हीराधर और श्वेता हीराधर से एक खुली भूमि खरीदी थी। रजिस्ट्री और तत्कालीन बी-1 वर्ष 2002 से 2006 के रिकॉर्ड के अनुसार जमीन का कुल रकबा 0.012 हेक्टेयर यानी 3 डिसमिल 1295 वर्गफुट था। पटवारी से मिलीभगत कर कूटरचना कर बढ़ाया रकबा
आरोप है कि किशोर दयालानी ने तत्कालीन हल्का पटवारी धीरेंद्र सिंह और अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर पूरा षड्यंत्र रचा। वर्ष 2006-07 से 2010-11 के मूल खसरा फॉर्म पी-2 में बकायदा ओवरराइटिंग की गई। सरकारी दस्तावेज पर पेन चलाकर 0.012 हेक्टेयर को 0.024 हेक्टेयर लिख दिया गया। दो लोगों को बेच दी बेसकीमती जमीन
जमीन कागजों पर दोगुनी होते ही किशोर दयालानी ने इसके 3-3 डिसमिल के दो हिस्से किए। 14 मार्च 2011 को उसने एक हिस्सा अनिल मोटवानी को और दूसरा हिस्सा रेशमा मोटवानी को मोटी कीमत पर रजिस्ट्री कर बेच दी। यानी जितनी जमीन खरीदी नहीं, उससे दोगुनी जमीन बेचकर लाखों का खेल कर दिया। खरीदारों का आरोप- जमानत का लाभ देने पुलिस ने दी छूट
इस मामले की जांच सिविल लाइन पुलिस ने की। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में कूटरचना और धोखाधड़ी करना पाया। मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने बिना देरी किए धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और अपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। अब खरीदारों का आरोप है कि केस दर्ज होने व साक्ष्य जुटाने के बाद भी पुलिस आरोपी व्यावसायी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। उसे जमानत का लाभ देने के लिए मौका दे रही है। जबकि, आरोपी खुलेआम अपनी दुकान में बैठ रहा है।
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