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छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस आज प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम जनता, व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। पार्टी ने बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। सभी जिलों में प्रदर्शन, कल प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला, शहर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद प्रत्याशी, मोर्चा संगठनों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी आंदोलन में शामिल होंगे। आंदोलन के दूसरे चरण में 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें बिजली दर वृद्धि के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। कांग्रेस बोली- जनता और किसानों पर पड़ रहा अतिरिक्त भार कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे कारोबारियों और किसानों पर पड़ेगा। पार्टी ने इसे जनविरोधी फैसला बताते हुए राज्य सरकार पर आम लोगों की जेब पर बोझ डालने का आरोप लगाया है। जानिए कितनी बढ़ी हैं बिजली दरें छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी। वहीं कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है। हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज करते हुए औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग का दावा- 70 से 75% घरेलू उपभोक्ताओं पर असर सीमित CSERC के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला के अनुसार औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक छूट मिलती रहेगी। प्रदेश के 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का प्रभाव उन पर अपेक्षाकृत कम रहेगा। आयोग के मुताबिक बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि मौजूदा दरों के आधार पर उसे प्रति यूनिट 6.71 रुपए की आय हो रही है।
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