कोंडागांव में छत्तीसगढ़ सर्व नाई (सेन) समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने सरकार से नाई समाज के पारंपरिक जीवन-यापन और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
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पदाधिकारियों ने शिकायत की है कि कई स्थानों पर बिना अनुमति के अवैध सैलून केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिससे पारंपरिक व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इन पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
समाज का कहना है कि उन्हें शिल्पी कल्याण बोर्ड से कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए, उन्होंने इस योजना में समाज को सीधे तौर पर जोड़ने की मांग की है।

समस्याओं के समाधान की मांग
यह ज्ञापन फरसगांव ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक व्यावसायिक समस्याओं और सामाजिक मांगों को लेकर दिया। ज्ञापन में बताया गया है कि नाई समाज के लोग पारंपरिक रूप से सेवा व्यवसाय से जुड़े हैं, जिससे उनकी आजीविका चलती है।
हालांकि, वर्तमान में कई समस्याओं के कारण यह पेशा संकट का सामना कर रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि शासन द्वारा संचालित सैलून कार्य के लिए ट्रेडमैन और अन्य तकनीकी पदों पर नाई समाज के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा संत शिरोमणि सेन महाराज की जयंती के अवसर पर राज्य सरकार से राजकीय अवकाश घोषित करने की भी मांग की गई है।
समाज के पदाधिकारियों ने विश्वास दिलाया है कि यदि शासन इन मांगों पर सकारात्मक पहल करता है, तो इससे नाई समाज की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि गृहमंत्री विजय शर्मा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी भेजी गई है, ताकि विभागीय स्तर पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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