दुर्ग जिले में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित पंचायतों में चल रहे विकास क
.
कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना ‘युक्तधारा पोर्टल’ पर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि जिले की 300 ग्राम पंचायतों में से 92 जल संकट ग्रसित, 166 अर्द्ध जल संकट और 42 ग्रीन जोन क्षेत्र के रूप में चिह्नित हैं। कलेक्टर ने जल संकट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 130 अमृत सरोवरों का निर्माण हो चुका है, जिनमें से 69 में आजीविका गतिविधियां संचालित हैं। शेष सरोवरों में जल्द मत्स्य पालन, बत्तख पालन और सिंघाड़ा उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए गए।

अधूरे आवासों की भी समीक्षा की गई
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1603 अधूरे आवासों की भी समीक्षा की गई। धमधा, दुर्ग और पाटन जनपदों को तय समय-सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री आवास योजना के अधूरे छत और लिंटल स्तर के आवासों को क्रमशः अक्टूबर से दिसंबर तक पूरा करने को कहा।
अपात्र हितग्राहियों की सूची की जांच
अपात्र हितग्राहियों की सूची की जांच कर राज्य कार्यालय भेजने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) के माध्यम से रूरल मेसन ट्रेनिंग, बिहान मॉडल सीएलएफ केंद्र, कम्युनिटी ट्रेनिंग सेंटर (सीएमटीसी) और जेंडर रिसोर्स सेंटर (जीआरसी) की स्थापना पर भी चर्चा हुई।
‘लखपति दीदी’ पहल का सत्यापन होगा
कलेक्टर ने सभी जनपदों को 15 दिन के भीतर भवन चयन कर प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए। ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत जिले में 42,664 लक्ष्यों की त्रैमासिक आय प्रविष्टि समय पर दर्ज करने और 10 प्रतिशत मामलों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
<
