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जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में किसानों के द्वारा फसल पूरी तरह काट लिया गया है, साथ ही मिसाइ का कार्य भी लगभग हो गया है। लेकिन किसान अपना धान बेचने के लिए सोसाइटी, ऑनलाइन दुकान व पटवारी, तहसीलदार के चक्कर लगा रहे है क्यों कि सोसाइटी में धान खरीदी का लिमिट बहुत कम है। एग्रीस्टेक पंजीयन में दिक्कत हो रहा है। ऑनलाइन टोकन के नाम पर किसान परेशान होकर ऑनलाइन दुकानों का चक्कर काट रहे हैं। वहीं जिन किसानों का रकबा में कटौती किया गया है या फिर गिरदावरी के दौरान धान के रकबा में भी अन्य फसल जोड़ दिया गया है उसे कटाने के लिए किसान पटवारी, तहसीलदार के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
दावा है कि जिला प्रशासन के द्वारा 15 दिसंबर तक एग्रीस्टेक पंजीयन, धान के अलावा अन्य फसल रकबा से हटाने, आधार से मोबाइल लिंक करवाने के लिए समय बढ़ाया गया है जिससे किसान की समस्या कम होगी। किसानों को धान बेचने के लिए मंडी में 10 बजे के बाद एंट्री दिया जा रहा है साथ ही किसानों के पहचान के लिए किसान सहित गाड़ी का फोटो भी लिया जा रहा है। खरीदी को जटिल बनाने का प्रक्रिया भाजपा शासन में किया जा रहा है जिससे वनांचल के किसान परेशान है।
किसान परेशान जबकि कोचिया धड़ल्ले से बेच रहे धान: जनपद उपाध्यक्ष मानपुर देवानंद कौशिक ने कहा कि अभी तक खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नहीं हो रहा है, जिससे केंद्रों में भरमार धान पड़ी हुई है। सरकार किसानों को धान में नमी, खराब धान, तौल में कमी के नाम से परेशान कर धान में कटौती कर रही है जबकि कोचिया का धान धड़ल्ले से केंद्रों में बेची जा रही है। सरकार पिछले वर्ष के खरीदे धान का भी उठाव नहीं कर पा रही है जिसे सस्ते दामों में मिलर्स को बेचा जा रहा है।
ऑनलाइन टोकन के कारण बहुत दिक्कत कहडबरी के किसान सगनू राम दर्रा ने बताया कि उनका दोनों खसरा से लगभग 3 एकड़ का रकबा ही काट दिया है जबकि उन्होंने सभी रकबा में धान का फसल लगाया था। फुलकोड़ो के किसान बेदराम उषारे ने बताया कि उनका अभी तक टोकन नहीं कट रहा है जिससे धान नहीं बेच पा रहे है। किसान सरजू राम लाठिया ने कहा कि ऑनलाइन टोकन के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऑफलाइन टोकन काटने से किसानों को राहत होती है परंतु ऑनलाइन में बहुत दिक्कत हो रहा है। धान खरीदी का लिमिट बहुत कम होने से खरीदी में कम प्रगति है
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