छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 4 की मौत, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगह बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। पहला मामला बालोद जिले का है, जहां खेत में काम कर रही महिला बिजली की चपेट में आने से दम तोड़ दिया। इस हादसे में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के पथराटोला गांव में हुई, जहां महिलाएं खेत में काम कर रही थीं। हादसे में अनुसुइया बाई (40) की मौके पर ही मौत हो गई।
दूसरा मामला कांकेर जिले का है। बिजली गिरने से 52 साल के किसान रामसिंह मंडावी की मौत हो गई है। घटना दुर्गूकोंदल ब्लॉक के ग्राम गुड़फेल की है। रामसिंह मंडावी अपने खेत पर काम करने गए थे। शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम बदला और तेज गरज के साथ बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए रामसिंह खेत में लगे जामुन के पेड़ के नीचे आराम करने बैठ गए। तभी अचानक पेड़ के पास बिजली गिरी।
तीसरी घटना बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र की है। यहां बिजली गिरने से 2 मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना सुरहोली-कुसमी मार्ग पर एक तालाब के पास हुई। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मनोज राजवंशी और जगदीश राजवंशी के रूप में हुई है। दोनों मजदूर सुरहोली में टावर लगाने का काम कर रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे वे मोटरसाइकिल से नाश्ता लेने कुसमी की ओर निकले थे। इसी दौरान इलाके में तेज बारिश के साथ बिजली गिरी। दोनों मजदूर तालाब के पास बरगद के पेड़ के नीचे मृत पाए गए।
रायपुर में भी बुधवार दोपहर राजधानी में अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज 5 जिलों में ऑरेंज और 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। राजनांदगांव, बालोद, बीजापुर, सुकमा और कांकेर में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश में नमी बढ़ रही है, इससे बारिश और आंधी की एक्टिविटी बढ़ रही है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बलरामपुर, कोरिया समेत 25 जिलों में हल्की बारिश के साथ अंधड़ की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर की सुबह बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट से टकरा सकता है। इसके असर से छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इस सिस्टम का असर प्रदेश में 23 से 26 सितंबर तक रहने की संभावना है। इस दौरान खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ अंधड़ और बिजली गिरने का खतरा रहेगा।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है भारी बारिश का खतरा, जिसमें कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। येलो अलर्ट बारिश और गरज-चमक का अलर्ट होता है, जिसमें कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवा चलने की संभावना रहती है। मौसम खराब होने पर सावधानी बरतें।




