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सरगुजा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 65 लाख रुपये का राशन गायब किए जाने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। अंबिकापुर के घुटरापारा के तीन राशन दुकानों की जांच में बड़े पैमाने पर राशन गायब मिलने पर संचालक स्व सहायता समूह के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष औ
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जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के घुटरापारा के तीन राशन दुकानों का का संचालन 1 सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक की अवधि के बीच जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति घुटरापारा के द्वारा किया जा रहा था। समिति द्वारा संचालित राशन दुकानों का भौतिक सत्यापन 31 मार्च 2024 की स्थिति में किया गया था।
लाखों का राशन मिला था गायब राशन दुकान की जांच में चावल 1631.29 क्विंटल, शक्कर 10.43 क्विंटल, और चना 48.34 क्विंटल दर्ज स्टॉक से कम पाया गया। कुल 64 लाख 94 हजार रुपये का राशन गायब मिलने पर समिति के संचालकों सहित राशन दुकान के विक्रेताओं को नोटिस जारी कर पैसे जमा कराने का निर्देश खाद्य विभाग ने दिया था।
समिति के पदाधिकरियों ने पैसे नहीं जमा कराए। खाद्य अधिकारी के निर्देश पर खाद्य निरीक्षक शिव कुमार मिश्रा ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन कोतवाली थाने में पेश किया। मामले में समिति के पदाधिकारियों अध्यक्ष पवन सिंह (घुटरापारा), उपाध्यक्ष सुनिता पैकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्धीकी, प्रिंस जायसवाल, सैफ अली और मुकेश यादव के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि उक्त दुकान संचालकों ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 का उल्लंघन किया है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
करोड़ों का राशन गायब, चल रही है जांच कांग्रेस शासनकाल में राशन दुकानों का संचालन कांग्रेस नेताओं से जुड़े सहकारी समितियों को दे दिया गया था। राशन दुकानों से राशन की अफरा तफरी की शिकायत भाजपा नेता एवं पार्षद आलोक दुबे ने की थी। इन राशन दुकानों की जांच में करोड़ों रुपये का राशन गायब मिला था। इनमें नमनाकला राशन दुकान सहित एक अन्य मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुछ मामलों में अब तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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