बेमेतरा में मिड-डे मील में डामर गोली जैसी गंध:26 बच्चों को अस्पताल ले जाया गया,प्राचार्य ने रोका वितरण,कलेक्टर बोलीं- लापरवाही मिली तो कार्रवाई

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बेमेतरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या शाला में बुधवार (19 अगस्त) को मध्यान्ह भोजन में डामर जैसी गंध आने से हड़कंप मच गया। असामान्य गंध की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल भोजन वितरण रोक दिया। एहतियात के तौर पर जिन 26 बच्चों ने भोजन कर लिया था, उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और चिकित्सकीय जांच की जा रही है। छठवीं के बच्चों को परोसा था भोजन घटना उस समय हुई जब सबसे पहले छठवीं कक्षा के बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसा गया था। इसके बाद आठवीं कक्षा के बच्चों को खाना दिया जाना था। इसी दौरान प्राचार्य को भोजन से डामर जैसी गंध आने की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत अन्य कक्षाओं में भोजन वितरण रुकवा दिया और खाना खा चुके बच्चों को एहतियात के तौर पर अस्पताल भेजा। रसोइया ने भी महसूस की थी गंध, फिर भी नहीं दी सूचना मामले में यह बात भी सामने आई है कि एक रसोइया ने भोजन चखा था और उसे भी डामर जैसी गंध महसूस हुई थी। इसके बावजूद उसने तत्काल स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं दी। बाद में बच्चों ने भी भोजन में असामान्य गंध महसूस की, जिसके बाद भोजन वितरण पूरी तरह रोक दिया गया। अब जांच में यह भी देखा जा रहा है कि गंध महसूस होने के बाद समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई। डामर की गोली भोजन में गिरने की आशंका जानकारी के मुताबिक, रसोइया के बच्चे के पास कथित तौर पर डामर की एक गोली थी, जो खेलते समय भोजन में गिर गई। हालांकि, यह वस्तु भोजन तक कैसे पहुंची और वास्तव में घटना किस वजह से हुई, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल पहुंचे अधिकारी, बच्चों की हालत सामान्य घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बच्चों में पेट दर्द जैसी कोई शिकायत नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल लाया गया है, जहां उनकी जांच और उपचार किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बताया कि सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। स्कूल में चार रसोइया होने की जानकारी सामने आई है और पूछताछ में दो रसोइयों की ओर से लापरवाही की बात सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण भी किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जांच में किसी भी रसोइया की लापरवाही साबित हुई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल घटना के बाद स्कूल में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, रसोई व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में अब यह स्पष्ट किया जाएगा कि भोजन में डामर जैसी वस्तु कैसे पहुंची, गंध महसूस होने के बाद भी तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई और इस मामले में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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