केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” की समीक्षा को लेकर रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिजली विभाग, बैंकों और सोलर वेंडर्स की संयुक्त ब
.
कलेक्टर ने कहा कि यह योजना देश के लाखों आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से लाई गई है। इसका उद्देश्य है कि हर पात्र परिवार की छत पर सोलर पैनल लगे और उन्हें मुफ्त बिजली मिले। इससे न केवल उनके बिजली बिल में भारी कटौती होगी, बल्कि देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। लक्षित संख्या में सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई हो। आम नागरिकों को योजना की जानकारी और प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाए।

बैंकों को मिली चेतावनी
बैठक में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें बैंकों की ओर से तकनीकी कारणों का हवाला देकर आवेदन अस्वीकृत किए गए थे। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैंक अपनी जिम्मेदारी निभाएं। हितग्राहियों को गुमराह न करें और मामूली त्रुटियों के कारण फाइल रिजेक्ट न करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जो बैंक सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें पत्र भेजें और जरूरत होने पर आरबीआई को भी सूचित करें।
बिजली विभाग को निर्देश
सीएसपीडीसीएल को निर्देशित किया गया कि योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाए। 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। शिकायतों का समय पर समाधान हो।
क्या है प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
सरकार की यह योजना 1 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगवाने पर 100% सब्सिडी प्रदान करती है। इससे उपभोक्ता को हर महीने 15-20 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन, तकनीक स्वीकृति और बैंक से ऋण की प्रक्रिया शामिल है।
जनता को सीधा लाभ मिले, यही प्राथमिकता
कलेक्टर ने कहा कि यह योजना सीधे आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाली है। इसका लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचे, यही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
<
