रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे की सड़क खराब हो गई है। रायपुर-बिलासपुर के बीच करीब 127 किमी में 7800 पैनल खराब हैं। रायपुर-सिमगा 6600 पैनल और सिमगा-बिलासपुर कर 1200 पैनल खराब हैं। रायपुर-सिमगा तक पुरानी एजेंसी पुंज एलायड पैनल बदलने का काम कर रही है।
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वही सिमगा-बिलासपुर के बीच एलएंडटी, दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के मरम्मत की समय-सीमा खत्म हो गई है। यही कारण है कि सिमगा-बिलासपुर के बीच मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है।एनएचएआई रायपुर से बिलासपुर तक सर्वे कर रहा है। सर्वे में हाईवे का कौन-कौन सा हिस्सा अधिक खराब है।
कितने जगहों पर पूरा पैनल बदलना पड़ेगा। इसमें खर्चा कितना आएगा। एनएचएआई के अफसर पुरानी कंपनी से मरम्मत कराएगी। यदि पुरानी कंपनी ने मरम्मत करने से मना कर दिया तो उसमे आने वाला खर्च रिकवर कर नई कंपनी को टेंडर जारी किया जाएगा।
एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि बारिश के बाद नेशनल हाइवे के मरम्मत की प्रक्रिया तेजी से शुरु होगी। रायपुर-बिलासपुर हाईवे तीन हिस्सों रायपुर-सिमगा, सिमगा-सरगांव और सरगांव-बिलासपुर में बांटकर बनाया गया है। तीन कंपनियों एलएंडटी, पुंज एलायड और दिलीप बिल्डकॉन को जिम्मेदारी दी गई थी। पूरा टेंडर 1706 करोड़ रुपए का था।
दरार आने पर बदलता है पूरा पैनल एनएचएआई के अफसर ने बताया कि कांक्रीट सड़क को अलग-अलग हिस्सों में बनाया जाता है। सड़क के अलग-अलग हिस्सों को ही पैनल कहते हैं। सड़क को पैनल में बनाने का ये फायदा होता है कि यदि सड़क का कोई एक पैनल खराब हो जाता है तो उसे आसानी से उखाड़कर दोबारा बना दिया जाता है। ऐसे में पूरी सड़क उखाड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे समय की बचत होती है। वहीं डामर सड़क में पैनल नहीं होता है। इसके चलते पूरी सड़क बनानी पड़ती है। सर्वे के बाद भेजेंगे नोटिस रायपुर-बिलासपुर के बीच हाइवे के पैनल में खराबी है। एनएचएआई की टीम सर्वे कर रही है। सर्वे में सड़क कितनी खराब है और इसकी लागत कितनी आएगी। कंपनी को दोबारा मरम्मत करने के लिए नोटिफाइड किया जाएगा। कंपनी यदि मरम्मत नहीं करेगी तो उससे मरम्मत में जितना खर्च आएगा, उससे वसूल किया जाएगा। -प्रदीप कुमार लाल, रीजनल ऑफिसर छत्तीसगढ़

जानिए… कब हुआ टेंडर और कब आई खराबी
- रायपुर से सिमगा के बीच 48 किमी तक पुंज एलायड को 2016 में काम मिला था। कंपनी ने 2018 में काम पूरा कर लिया। कंपनी को चार साल तक सड़क की देखरेख का जिम्मा था। करीब तीन साल में ही सड़क खराब होने लगी। यही कारण है कि पुरानी कंपनी यहां मरम्मत का काम कर ही है। वर्तमान में रायपुर से सिमगा के बीच 6600 पैनल खराब हुए थे। अभी करीब 400 पैनल बदलने का काम बचा है।
- वहीं दूसरी तरफ सिमगा से बिलासपुर के बीच एलएंडटी और दिलीप बिल्डकॉन को भी वर्ष 2016 में टेंडर मिला था। सिमगा से रायपुर के बीच सड़क में खराबी आने पर एनएचएआई ने दोनों कंपनियों से रिपेयर करने के लिए कहा था। लेकिन दोनों कंपनियों ने सड़क की मरम्मत नहीं की। रायपुर से बिलासपुर तक दो लाख गाड़ियां रोजाना चलती हैं। इनको पहुंचने में दो घंटे लगते थे, लेकिन अभी तीन घंटे से अधिक समय लग रहा है।
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