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गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए रायपुर जिले में बोर खनन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आदेश जारी कर पूरे जिले को 15 जुलाई तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है, ताकि उपलब्ध जल स्रोतों का संरक्षण किया जा सके और लोगों को पर्याप्त पीने का पानी मिल सके। जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि में बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी नया नलकूप खनन नहीं किया जा सकेगा। खास बात यह है कि पेयजल के अलावा अन्य किसी भी उपयोग के लिए बोर खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल पीने के पानी के लिए परमिशन अधिकारी दे सकते है। अनुमति देने के लिए अधिकारी भी नियुक्त हालांकि, शासकीय, अर्द्धशासकीय संस्थाओं और नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूप खनन की अनुमति लेने से छूट दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने नलकूप खनन की अनुमति देने के लिए अलग-अलग प्राधिकृत अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। नगर निगम क्षेत्र में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, जबकि रायपुर, आरंग, अभनपुर और तिल्दा क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम को यह जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग या नगरीय निकाय से रिपोर्ट लेकर ही अनुमति देंगे। पंजीकृत एजेंसियों से ही करवाना होगा परमिटेड खनन या मरम्मत कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि नलकूप खनन या मरम्मत केवल पंजीकृत एजेंसियों से ही कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और नियमों का पालन करें।
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