छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में बेमौसम बारिश से खुले में रखे धान भीग गए। जबकि नालियों की सफाई नहीं होने के कारण पानी सीधे स्कूलों तक पहुंच गया। नालियों का गंदा पानी क्लासों में भर गया। इतना ही नहीं बारिश से सड़क कट गया है।
.
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में सुधार कार्य पूरा होने की घोषणा की थी। लेकिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाजारपारा की कक्षाओं में गंदे नाली का पानी भर गया। बारिश का सबसे अधिक प्रभाव कोंडागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखा गया। सालों से उपेक्षित यह सड़क पहले से ही जर्जर थी और कुछ घंटों की बारिश ने इसकी एप्रोच सड़क को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

धान मंडियों में खुले में रखी धान भीगी
यह मार्ग बस्तर की ‘लाइफलाइन’ कहलाता है, क्योंकि रेल सुविधा न होने के कारण पूरा यातायात इसी पर निर्भर है। सड़क की इस स्थिति ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। समर्थन मूल्य पर खरीदी गई लाखों क्विंटल धान मंडियों में खुले में रखी होने के कारण भीग गई, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।

सड़कों पर उतरे अधिकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक, कलेक्टर और अन्य अधिकारी सड़कों पर उतरकर जायजा लेने को मजबूर हुए। मौसम विभाग ने तूफान और भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। इसके बावजूद, नालियों की उचित सफाई नहीं की गई और न ही स्कूलों व मंडियों में धान के संरक्षण के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई। परिणामस्वरूप कुछ घंटों की बारिश ने पूरे सिस्टम की तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया।

<
