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भिलाई के सुपेला इलाके के दो युवकों ने लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट किराए पर दे दिया। नतीजा यह हुआ कि इन खातों में 4 लाख 29 हजार 481 रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन पकड़ा गया। अब दोनों पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है और गिरफ्तारी की तलाशी शुरू हो गई है
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पहला केस : 3.85 लाख पहुंचे बब्बु अली के खाते में गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इसमें सबसे पहले नाम आया कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी, सड़क-13, सुपेला निवासी बब्बु अली (39 वर्ष) का। उसने उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाता खोल रखा था। पुलिस जांच में सामने आया कि बब्बु अली ने खाता साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए दे दिया था। नतीजतन 2 जून से 18 दिसंबर 2024 के बीच उसके खाते में 3 लाख 85 हजार 231 रुपए की संदिग्ध रकम ट्रांसफर हुई।
दूसरा केस : 44 हजार पहुंचे गुलफाम के अकाउंट में दूसरा मामला इस्लाम नगर, सुपेला निवासी मोहम्मद गुलफाम (25 वर्ष) का है। उसने भी अपना खाता अपराधियों को सौंप दिया। जानकारी मिली कि गुलफाम ने बैंक ऑफ इंडिया, सुपेला शाखा में अकाउंट खुलवाया था। यहां 29 जून से 30 जून 2024 के बीच 44 हजार 250 रुपए की ठगी की रकम जमा की गई।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध पुलिस ने दोनों आरोपियों पर धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे ‘म्यूल अकाउंट’ साइबर अपराधियों के लिए काले धन को घुमाने का सबसे आसान रास्ता बन जाते हैं। खाता धारक चाहे सीधे ठगी में शामिल न भी हो, लेकिन अगर उसने अपना अकाउंट किराए पर दिया है तो उसे अपराधी माना जाएगा।
आरोपियों की तलाश जारी सुपेला पुलिस ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी नेटवर्क की छानबीन कर रही है। मामले में जिन दो लोगों पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है उन आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि पैसों के लालच में कभी भी अपना बैंक खाता या एटीएम दूसरों को न दें, वरना सीधे साइबर अपराध में फंस जाएंगे।
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