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टिटनेस, एंटी रेबीज या दर्द आदि परेशानियों में यदि आप राजधानी के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इंजेक्शन लगवाने जा रहे हैं तो पहले बाहर से सिरिंज खरीद लीजिए, क्योंकि राजधानी के इन अस्पतालों में सिरिंज नहीं है। डॉक्टर मरीजों से बीमारी पूछकर पर्ची पर द
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ऐसे में सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मिलने वाले इलाज के लिए भी मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। राजधानी रायपुर में 16 यूपीएचसी, 4 सीएचसी, 4 हमर अस्पताल और 50 से ज्यादा हमर क्लिनिक हैं। इनमें से अधिकांश केंद्रों पर मरीजों को सिरिंज खरीदना पड़ रहा है।
टीकाकरण के लिए मजदूर को 1 किमी दूर जाना पड़ा
मठपुरैना स्वास्थ्य केंद्र में संतोषी नगर निवासी जुबैदा बानो अपना इलाज कराने पहुंची। इस दौरान डॉक्टर ने दर्द का इंजेक्शन लगाने कहा। डॉक्टर ने पर्ची पर इंजेक्शन का नाम लिखा, लेकिन नर्स ने कहा- मैडम, सिरिंज हमारे पास नहीं है। मजबूरन उसे 1 किलोमीटर दूर मेडिकल स्टोर जाना पड़ा।
केस स्टडी-2 केस स्टडी-2 भास्कर टीम ने खुद टिटनेस इंजेक्शन की पर्ची बनवाई। पर्ची बनवाकर स्टाफ नर्स के पास गए। स्टाफ नर्स ने कहा कि, इंजेक्शन तो है, लेकिन सीरिंज नहीं है। पहले आप वो लेकर आएं, फिर इंजेक्शन लगेगा। टीम ने कहा कि यहां तो होना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि विभाग नहीं भेज रहा है।
पचपेड़ीनाका स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज लगाने सिरिंज नहीं
पचपेड़ी नाका निवासी एक युवती को कुत्ते ने काट लिया। घबराकर वह अपनी मां के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। डॉक्टर ने एंटी रेबीज इंजेक्शन लिखा, लेकिन स्टाफ ने साफ कह दिया कि हमारे पास सिरिंज नहीं है। इसे खरीदकर लाना होगा। इसके बिना इंजेक्शन नहीं लग सकता।
सीधी बात – मिथलेश चौधरी, सीएमएचओ
भेज दी गई है डिमांड स्वास्थ्य केंद्रों में सीरिंज क्यों नहीं है? – सीजीएमएससी से सीरिंज की मांग की गई है। जल्द मिलने की उम्मीद है। अगर मरीज सीरिंज नहीं लाएगा तो क्या उसको इंजेक्शन नहीं लगेगा? – जिन केंद्रों में सीरिंज नहीं हैं, वहां से बड़े अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं। कब तक सीरिंज का टोटा रहेगा? – डिमांग गई है, जल्द ही सभी केंद्रों में सीरिंज उपलब्ध होगी।
भास्कर विश्लेषण
स्टाफ कह रहे, सीरिंज नहीं आ रही तो हम क्या करें सोमवार को भास्कर टीम मठपुरैना यूपीएचसी पहुंची तो देखा कि मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए बैठे है। पूछने पर एक महिला बोली कि वह अपनी बेटी को दर्द का इंजेक्शन लगवाने आई है, लेकिन यहां सीरिंज ही नहीं है। बेटी को खरीदकर लाने के लिए भेजा है। रामनगर अस्पताल में भी सीरिंज की सप्लाई नहीं हो रही है। यहां के स्टाफ ने बताया कि अभी मांग की गई है, जल्द ही आ सकती है। हम देवेंद्र नगर हमर क्लीनिक टीम पहुंचे। पूछने पर स्टाफ नर्स ने बताया कि अभी सप्लाई में सीरिंज नहीं आ रही है, इसलिए मरीज को खुद खरीदकर लाना पड़ रहा है। भनपुरी हमर अस्पताल में भी यही हाल है। स्टाफ ने स्वीकार किया कि स्टॉक खत्म है और मांग की गई है।
व्यवस्था पर गंभीर सवाल
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को दवा और जरूरी सामग्री निशुल्क मिलनी चाहिए। खासकर आपात स्थिति वाले इंजेक्शन जैसे टिटनेस, एंटी रेबीज और दर्द निवारक के लिए सीरिंज उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन हकीकत यह है कि यह जिम्मेदारी मरीजों पर डाल दी गई है। सीरिंज की अनुपलब्धता संक्रमण और अव्यवस्था का बड़ा खतरा है। कभी-कभी मरीज समय पर इंजेक्शन नहीं लगवा पाते, जिससे जान तक जा सकती है।
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