गुरु घासीदास जयंती (18 दिसंबर) पर रेलवे स्टेशन परिसर में पंथी गीतों के प्रसारण की मांग को लेकर युवा सतनामी समाज, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि गुरुवार को रायपुर डीआरएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्टेशन पर पंथी गीत चलाने की अ
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‘गुरु पर्व की शुरुआत, 18 दिसंबर को संदेश देशभर में जाए’
प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में लिखा कि बाबा गुरु घासीदास जी का मानव–मानव एक समान का संदेश छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है। 1 दिसंबर से प्रदेश में गुरु पर्व की पारंपरिक शुरुआत भी हो चुकी है। ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख जगहों पर पंथी गीतों का प्रसारण सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश देगा।
‘बाबा की शिक्षा हर वर्ग को प्रेरित करती हैं’
समाज के प्रतिनिधि पुनेश्वर लहरे ने कहा—“बाबा घासीदास जी सदाचार, समानता और व्यसनमुक्त समाज का संदेश देते हैं। ऐसे गीत स्टेशन पर बजेंगे तो यात्री भी सकारात्मक ऊर्जा और ‘मानव–मानव एक समान’ का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे।”
समाज ने कहा—’बाबा किसी एक समाज के नहीं, सर्व समाज के गौरव’
युवा सतनामी समाज ने सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी से आग्रह किया कि 18 दिसंबर को पंथी गीतों का प्रसारण स्वीकृत कर सर्व समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाए। उनका कहना है कि गुरु घासीदास का संदेश किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने वाला है।
डीआरएम कार्यालय ने दिया आश्वासन
डीआरएम कार्यालय ने प्रतिनिधियों को कहा है कि वे पंथी गीतों की पेन ड्राइव उपलब्ध कराएं, ताकि तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि उनकी मांग पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में—पुनेश्वर लहरे, अजीत कोशले, अंकित बंजारे, सूर्यप्रताप बंजारे, रितिक बंजारे, रितिक बघेल, हिमांशु टांडी, सुभाष बंजारे, तिरुपति राव सहित अन्य मौजूद थे।
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